यमन के पूर्वी प्रांत अल-महरा के रेगिस्तान में बनी 200 फीट गहरी गुफा को लोग नरक का द्वार मानते हैं। लोगों का कहना है कि 100 फीट चौड़ी इस गुफा में बुरी आत्माओं का वास है। यहां से अजीब बदबू आती है। उनका कहना है कि इस गुफा की बात करने मात्र से ही दुर्भाग्य आ जाता है। वहीं कुछ स्थानीय लोग इसे राक्षसों का जेल बोलते हैं। यही कारण है कि लोग इसके आस-पास तक नहीं जाना चाहते हैं। 

अब पहली बार कुछ वैज्ञानिक इस गुफा की सतह तक पहुंचे हैं। ओमान केव एक्सप्लोरेशन टीम के आठ वैज्ञानिकों को गुफा की सतह पर सिर्फ सांप और मृत जानवरों के अवशेष मिले हैं। गोताखोरों का कहना है कि यहां अलौकिक या बुरी शक्तियों जैसा कुछ नहीं है। ओमान में जर्मन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के भूविज्ञान के प्रोफेसर मोहम्मद अल-किंडी का कहना है कि गुफा में सांप थे, लेकिन जब तक आप उन्हें परेशान नहीं करेंगे, वे आपको परेशान नहीं करेंगे। गुफा के कुछ हिस्सों में प्राकृतिक पानी टपकता है, जिससे सतह पर काई जम गई है। मृत जानवर यहां बुरी गंध पैदा करते हैं। किंडी भी इस गुफा की सतह तक जाने वाले आठ लोगों में शामिल हैं।

ग्लेशियोलॉजी और पैलियोक्लाइमेटोलॉजी के कील विश्वविद्यालय के प्रोफेसर क्रिस फोगविल का कहना है कि यह गुफा एक पिंगो है। पिंगो तब होता है जब एक प्राचीन बर्फ का बड़ा निर्माण ढह जाता है। वहीं कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यह एक प्रकार की भूवैज्ञानिक घटना से बनी गुफा है।