कोरोना की दूसरी लहर देश में जुलाई तक समाप्त हो जायेगी और कोरोना की तीसरी लहर देश में छह से आठ महीनों में आ सकती है।  यह अनुमान भारत सरकार के अधीन विज्ञान मंत्रालय के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्थापित वैज्ञानिकों के तीन सदस्यीय पैनल की  हैं। 

 इन वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मई अंत तक देश में संक्रमण के मामले 1.5 लाख प्रतिदिन तक आ जायेंगे।  जबकि जून अंत तक यह 20 हजार प्रतिदिन तक आ जायेंगे। 

आईआईटी कानपुर के डाॅ मनिंनदर अग्रवाल का कहना है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, एमपी, झारखंड, राजस्थान, सिक्किम, उत्तराखंड, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली औ गोवा में कोरोना केस का पिक आ चुका है।  तमिलनाडु और पुडुचेरी में मई 19-20 तक पिक देखा जा सकता है। 

इसके अलावा नार्थईस्ट के राज्य असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी 20-27 मई के बीच पिक आ सकता है।  हिमाचल प्रदेश में 24 मई को पंजाब में 22 मई को कोरोना संक्रमण का पिक देखा जा सकता है। 

कोरोना संक्रमण का तीसरी लहर छह से आठ महीने के बाद आने की आशंका है, ऐेसे में यह वेब उतना खतरनाक नहीं रह जायेगा जितने की अभी उम्मीद की जा रहा है क्योंकि तबतक वैक्सीनेशन काफी लोगों का हो चुका होगा। 

पिछले तीन दिनों से देश में कोरोना के मामलों में कमी आयी है और संक्रमण चार लाख से घटकर ढ़ाई लाख के करीब पहुंचा है, लेकिन मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और आज तो मौत के रिकाॅर्ड मामले दर्ज किये गये थे।  यही वजह है कि आम लोग कोरोना की तीसरी लहर को लेकर खौफ में हैं।