कोरोना काल में पिछले आठ माह से बंद स्कूलों को खोलने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने आज गाइडलाइन जारी किया। अनलॉक 5 की गाइडलाइन आने के बाद कई राज्यों ने स्कूल खोलने की तैयारी कर ली है, लेकिन अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं।  

अभिभावकों का कहना है कि वैक्सीन के बिना बच्चों को स्कूल भेजना उचित नहीं होगा यह बहुत ही असुरक्षित होगा।  अभिभावकों का ऐसा मानना है कि स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजेशन की उचित व्यवस्था संभव ही नहीं है।  ऐसे में स्कूलों को खोलना कितना सही होगा यह अबतक बहस का मुद्दा है। 

शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह निर्देश दिया है कि वे अपने प्रदेश की स्थिति देखते हुए स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए व्यवस्था करें।  मंत्रालय ने कहा है कि वे क्रमबद्ध तरीके से ऐसी व्यवस्था करें कि विद्यार्थी शारीरिक और सामाजिक दूरी के साथ स्कूल आ पाएं। 

गौरतलब है कि 30 सितंबर को अनलॉक 5 के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें यह कहा गया था कि 15 अक्तूबर के बाद स्कूलों को खोलने पर विचार किया जा सकता है।  लेकिन साथ ही मंत्रालय ने यह भी कहा था कि आनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी और किसी भी विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।  साथ ही जो बच्चे स्कूल आएंगे उन्हें अभिभावकों से सहमति पत्र लाना होगा।  स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना होगा और स्कूल में साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन की उचित व्यवस्था करनी होगी।  सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। 

हालांकि केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने पर रजामंदी दे दी है, लेकिन दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केजरीवाल सरकार ने 31 अक्टूबर तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है।  गौरतलब है कि देश में अब तक एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना की वजह से हो चुकी है।