2 नवंबर यानि आज से देश के दो और राज्यों में स्कूल खुल गए हैं, लेकिन इसके लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। आंध्र प्रदेश में कक्षाएं सुबह 9:15 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक आयोजित की जाएंगी और प्रत्येक कक्षा में सोशल डिस्टेंस का पालन सख्ती से किया जाएगा। कक्षाओं में केवल 16 छात्र बैठ सकेंगे। इसे देखते हुए शैक्षणिक वर्ष को 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है। राज्य में कक्षा 9 और 10 के छात्र सोमवार से वैकल्पिक दिनों में स्कूल जाना शुरू कर सकते हैं।

आंध्र प्रदेश में स्कूल चरणबद्ध तरीके से फिर से खुल रहे हैं। कोविड -19 प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए दिन-प्रतिदिन के कार्यक्रम से लेकर मिड डे मील में भी बदलाव किया गया है। यहां सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुपालन में एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी सावधानी बरत रहे हैं। सभी राज्यों में केंद्र सरकार की गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जा रहा है। इसके अनुसार बिना अभिभावकों की लिखित सहमति‍ के छात्रों को स्कूल आने की अनुमति नहीं है।

यूपी की राजधानी लखनऊ में आज से 80% स्कूलों में कक्षाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि अभी 10वीं और 12वीं की कक्षाओं की शुरुआत की गई है। अभी कुछेक निजी स्कूलों में अभी और इंतजार करने का भी फैसला लिया है। यह लोग दीपावली के बाद नियमित कक्षाएं शुरू कर सकते हैं। लखनऊ में सीबीएससी, यूपी बोर्ड और सीआईएससी के कक्षा 9 से 12 तक करीब 1000 स्कूल हैं जिन पर बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी है। लेकिन कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन के कारण अभी तक ऑनलाइन कक्षाएं ही चल रही थीं।

प्रशासन के निर्देश के बाद 15 अक्टूबर से स्कूलों को खोलने छूट दी गई थी कि वे अपने विवेक से नियमित कक्षाएं शुरू कर सकते हैं। जिसके बाद स्कूलों ने बड़े क्लास के बच्चों के स्कूल आने पर सहमति जताई लेकिन कई जगहों पर अभी भी इंतजार करने का फैसला किया गया है। अनलॉक 5 की प्रक्र‍िया के साथ 15 अक्टूबर से देशभर में स्कूल खोलने की प्रक्र‍िया शुरू हो चुकी है। इस बारे में सरकार ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। अब कई राज्यों ने दो नवंबर से इस पर फैसला ले लिया है।

इसके लिए यूपी सरकार ने अपनी एसओपी तैयार की है। यहां कंटेनमेंट जोन से बाहर के स्कूल खोले जाएंगे। अभ‍िभावकों की अनुमत‍ि से ही बच्चे स्कूल में आ सकेंगे। महाराष्ट्र सरकार ने दिवाली के बाद इस बारे में विचार करने की बात कही है इसलिए वहां स्कूल फिलहाल बंद ही रहेंगे। यहां कोरोना के हालातों की समीक्षा करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने ऑनलाइन क्लास सुचारू रूप से चलाने को कहा है।