मेघालय की भाजपा और एनपीपी की संयुक्त सरकार को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से झटका दिया गया है। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से राज्य को सरकार गैर—कानूनी तरीके कोयला खनन मामले में 100 करोड़ रूपयों का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। यह फैसला अशोक भूषण तथा केएम जोसफ की बेच ने दिया है। इसके साथ ही सरकार को यह कार्य कोल इंडिया लिमिटेड को सौंपने को कहा है।

इसके साथ ही बैंच ने यह भी आदेश दिया की राज्य में प्राइवेट तथा सहकारी स्तर पर कोयला खनने हेतु संबंधित विभाग से अनुमति भी लेनी होगी। आपको बता देंकि एनजीटी और मेघालय सरकार पर यह जुर्माना 4 जनवरी को लगाया था जिसको भरने का ओदश अब फिर से दिया गया है। सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि उत्तरपूर्वी राज्यों में बड़ी संख्या में गैर—कानूनी रूप से कोयला खनन हो रहा है।

मेघालय की ​पूर्वी जयंतियां पहाड़ियों के कसान में लगभग 3.7 किलोमीटर दूर जंगल और ​लिटेन नदी के पास कुलमिलाकर 15 लोग पिछले साल 13 दिसंबर को गैरकानूनी रूप से खनन करते हुए दब गए थे। इनमें से अभी तक केवल 2 लोगों के ही शव बरामद किए जा सके है। इससे पहले अपेक्स कोर्ट ने मेघालय में कोयले की ढुलाई पर भी रोक लगा दी थी।