देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने सभी बचत खातों पर ब्याज दर 0.25% घटाकर 2.75% कर दिया है, जिसका असर बैंक के 44.51 करोड़ खाताधारकों पर पड़ने जा रहा है। इससे पहले, एक लाख रुपये और इससे अधिक जमा वाले खातों पर बैंक 3% ब्याज दर दे रहा था। बैंक की नई ब्याज दर 15 अप्रैल, 2020 से लागू होगी।


एसबीआई ने कहा, 'सिस्टम में पर्याप्त मात्रा में नकदी हो, इसे ध्यान में रखते हुए एसबीआई 15 अप्रैल, 2020 से बचत खातों पर ब्याज दरों में कटौती कर रहा है। 1 लाख रुपये तक जमा वाले खातों पर ब्याज दर 3% से घटाकर 2.75% कर दी गई है। वहीं, 1 लाख रुपये से अधिक जमा वाले खातों पर भी ब्याज दर 3% से घटाकर 2.75% कर दी गई है।'


पिछले महीने एसबीआई ने तमाम बचत खातों पर ब्याज दर घटाकर 3% कर दिया था। बैंक ने तमाम परिपक्वता अवधि के लिए एमसीएलआर में 0.35% की कटौती की है। इस कटौती के बाद एक साल का एमसीएलआर 7.75% से घटकर 7.40% हो गया है, जो 10 अप्रैल, 2020 से लागू हो जाऐगी। एसबीआई ने कहा, 'इससे 30 वर्ष की अवधि वाले आवास ऋण की मासिक किस्त प्रति एक लाख रुपये कर्ज पर 24 रुपये कम हो जाएगी।'


रेट में नवीनतम कटौती के बाद सात से 45 दिनों के एफडी पर अब 3.5% ब्याज दर मिलेगी। 46 दिनों से लेकर 179 दिनों के एफडी पर 4.5% ब्याज दर मिलेगी। 180 दिनों से लेकर एक साल के एफडी पर 5% ब्याज दर मिलेगी। 1 साल से लेकर 10 साल तक के एफडी पर 5% ब्याज दर मिलेगी। एसबीआई वरिष्ठ नागरिकों को सभी परिपक्वता अवधियों के लिए 0.50% अधिक ब्याज दर देता है। नवीनतम ब्याज दर संशोधन के मुताबिक सीनियर सिटिजंस को सात दिनों से लेकर 10 साल के एफडी पर 4%-6% के बीच ब्याज दर मिलेगी।