देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) 1 मई से सेविंग अकाउंट्स और शॉर्ट टर्म लोन के लिए नया नियम लागू करने जा रहा है। बैंक से ब्याज दर तय करने का आधार बदलने जा रहा है। 1 लाख रुपये से अधिक बैलेंस वाले सेविंग अकाउंट्स और शॉर्ट लोन्स के लिए ब्याज दरों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के रीपो रेट से लिंक किया जाएगा। फिलहाल, नए नियम से कुछ बचत खाताधारकों को झटका लगेगा तो शॉर्ट टर्म लोन कुछ सस्ता हो जाएगा। 

RBI द्वारा रीपो रेट में बदलाव करते ही अधिक डिपॉजिट वाले सेविंग अकाउंट्स और कुछ शॉर्ट टर्म लोन्स पर ब्याज दरों में बदलाव अपने आप हो जाएगा। बता दें, फिलहाल लोन, बैंक के फंडिंग कॉस्ट से लिंक होते हैं बैंक द्वारा हर महीने घोषित किए जाने वाले लेंडिंग रेट (MCLR) आधारित इंटरनल बेंचमार्क मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स के जरिए प्रदर्शित होता है। MCLR पहले की तरह बरकरार रहेगा लेकिन बचत खातों की दर को रीपो रेट से जोड़ने पर, पॉलिसी रेट के साथ कॉस्ट ऑफ फंड बदलेगा ताकि बेहतर ट्रांसमिशन हो सके। हालांकि, पहले की तुलना में बैंकों को अब अपनी ऐसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट (ALM) को मैनेज करने के लिए लचीलापन मिलता है। 

रिजर्व बैंक, बैंकों के साथ बार-बार इस मुद्दे को उठाता रहा है कि वह जितना रीपो दर में कटौती करता है, बैंक उतना लाभ अपने ग्राहकों को नहीं देते। अब ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है। जब ब्याज दर कम होगी तो कर्जदारों पर ईएमआई का बोझ कम हो जाएगा जबकि ब्याज दर बढ़ने पर ईएमआई ज्यादा हो जाएगी। अभी एसबीआई में 1 करोड़ रुपये तक के बचत बैंक जमा पर ब्याज दर 3.50 प्रतिशत है, जबकि 1 करोड़ से ज्यादा के जमा पर यह दर 4 प्रतिशत है। रीपो दर इस समय 6.25 प्रतिशत है। केंद्रीय बैंक ने 7 फरवरी को रीपो दर में 0.25 फीसदी की कटौती की। इसी के मुताबिक 1 लाख रुपये से अधिक और 1 करोड़ से कम डिपॉजिट पर ब्याज दर में .25 फीसदी की कटौती हो जाएगी और अब 3.25 फीसदी ब्याज मिलेगा।यदि खाते में 1 लाख से कम रकम है तो ब्याज दर 3.50 फीसदी ही मिलता रहेगा। 

बैंक ने सभी नकद रिण खातों और एक लाख रुपये से अधिक की ओवरड्राफ्ट सीमा वाले खातों को भी रीपो दर से जोड़ दिया है। 1 मई से SBI से 30 लाख रुपये तक के लोन पर आपको 0.10 पर्सेंट कम ब्याज देना होगा। फिलहाल 30 लाख रुपये तक के लोन की ब्याज दर 8.60 से 8.90 फीसद के बीच है।