एसबीआई ने बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने वाले कस्टमर्स से ज्यादा चार्ज लेना शुरू कर दिया है। अब चेक बुक और लॉकर्स जैसी सर्विस के लिए भी ज्यादा पैसे का भुगतान करना होगा। एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक ये नए चार्ज 1 अप्रेल से लागू हो गए हैं।

बैंक के इस फैसले का असर उन पांच बैंकों के ग्राहकों पर भी पड़ेगा जिनका विलय हाल ही में एसबीआई में हुआ है। कहा जा रहा है कि एसबीआई के इस फैसले के बाद दूसरे बैंक भी एटीएम इस्तेमाल की लिमिट,चेक बुक और लॉकर्स जैसी सर्विसेज के नियमों में बदलाव कर सकते हैं। 6 मेट्रो शहरों में मंथली एवरेज बैलेंस(एमएबी)को बढ़ाकर 5 हजार रुपए कर दिया गया है। सेविंग्स अकाउंट होल्डर को मंथली बैलेंस को बनाए रखना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो पेनल्टी देनी होगी। इससे पहले 31 मार्च तक सेविंग्स बैंक अकाउंट के लिए चेक बुक सुविधा न होने की स्थिति में एमएबी 500 रुपए थी। वहीं चेक बुक के साथ 1000 रुपए थी। बैंक ने बदले ये नियम
1.अगले वित्तीय वर्ष के लिए एसबीआई ने मेट्रो,अरबन,सेमी अरबन और ग्रामीण इलाकों के लिए अलग अलग मंथली एवरेज बैलेंस तय किया है। मेट्रो ब्रांच के लिए सेविंग्स अकाउंट के एमएबी को बढ़ाकर 5 हजार रुपए किया गया है। अगर इसे नहीं बनाए रखा जाता तो 50 से 100 रुपए तक का चार्ज लिया जाएगा। अरबन और सेमी अरबन ब्रांच के लिए एमएबी 3 हजार से 2000 रुपए तय की गई है। वहीं ग्रामीण ब्रांच के लिए अकाउंट में मिनिमम बैलेंस 1000 रुपए तय किया गया है। अगर कोई ग्राहक ऐसा नहीं कर पाता है तो उसे 20 से 50 रुपए चार्ज किया जाएगा। एसबीआई का मंथली एवरेज बैलेंस नियम सुरभि,बेसिक सेविंग्स बैंक और पीएम जन धन योजना खातों पर लागू नहीं होगा। 2.बैंक ने लॉकर्स का चार्ज भी बढ़ा दिया है। साल में फ्री लॉकर के इस्तेमाल के नंबर को भी कम कर दिया है। अब आप 12 लॉकर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बाद कस्टमर्स को 100 रुपए के साथ सर्विस टैक्स देना होगा। 3.एसबीआई एक वित्तीय वर्ष में पहले 50 चेक मुफ्त देगा। इसके बाद हर लीफ या चेक के लिए आपको 3 रुपए का भुगतान करना होगा। यानी 25 लीफ की चेक बुक के लिए आपको 75 रुपए के साथ सर्विस टैक्स देना होगा। वहीं 50 लीफ की चेक बुक के लिए 150 रुपए के साथ प्लस सर्विस टैक्स देना होगा। 4.सेविंग्स अकाउंट के एनरोलमेंट के लिए आपको ओपनिंग फीस के तौर पर 20 रुपए देने होंगे। अगर कोई ग्राहक एसबीआई सेविंग्स अकाउंट में 25 हजार रुपए मंथली मेनेटन करता है तो उसे एटीएम के इस्तेमाल के लिए कोई चार्ज नहीं देना होगा। नहीं तो पांच बार से ज्यादा के इस्तेमाल पर कस्टमर को आरबीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक चार्ज देना होगा।