जनवरी महीने में पुत्रवधु और किराएदार को एक साथ आपत्तिजनक हालत में देखकर ही रिटायर्ड फौजी का खून खौल गया था। उसी दिन से उसकी हत्या का मन बना लिया था। इसके लिए पहले से प्लान तैयार किया गया। सोमवार देर रात 2 बजे इस पर अमल किया गया। पत्नी संगीता के साथ मिलकर पहले अपनी 11 साल की पोती को कमरे में बंद कर दिया। उसके बाद आधे घंटे के अंदर ही 4 हत्याएं कर दीं। सबसे पहले पुत्रवधु पर सोते हुए धारदार हथियार से वार किए, इसके बाद किराएदार, उसकी पत्नी और उसकी दोनों बच्चियों पर वार किए। इनमें से बस एक 3 साल की बच्ची बच गई, जो अब मौत जिंदगी के बीच झूल रही है। ये सारी बातें पुलिस पूछताछ में आरोपित ने खुद बताई हैं।

पुलिस के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपित का परिवार मकान की पहली मंजिल पर रहता है। आरोपित ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया है कि जनवरी महीने में इसने कृष्ण तिवारी व पुत्रवधू को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद से उसके सिर पर खून सवार था। किराएदार उसके तुरंत बाद अपने गांव चला गया था। अब कुछ दिन पहले ही वह लौटा था, इसके बाद भी इनके बीच झगड़ा हुआ था। बिहार जाने के बाद भी वह पुत्रवधू से बात करता था।

आरोपित ने बताया कि वह दूसरी मंजिल पर किराएदार के कमरे में पहुंचा तो वहां जाते ही कृष्ण तिवारी पर लगातार कई वार कर उसकी हत्या कर दी। तब उसकी पत्नी अनामिका जाग गई और रोने लगी। अनामिका ने कहा कि पति को मार दिया तो मुझे भी मार दो, मैं अब जीकर क्या करूंगी। इसके बाद उसने अनामिका पर भी वार कर हत्या कर दी।

आरोपित ने कुबूल किया है कि दंपती की हत्या के बाद इसने सोचा कि अब इन अनाथ बच्चियों की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। इतनी हत्या कर दी है तो इन्हें भी मार देता हूं, ताकि इन्हें आगे परेशान न होना पड़े।

पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात से ठीक पहले आरोपित व उसकी पत्नी ने 11 साल की पोती को कमरे में बंद कर दिया था। पत्नी वारदात के समय आरोपित के बगल में तो नहीं थी लेकिन कुछ कदम पीछे रही। उसे वारदात का पूरा पता था और पति को रोकने का प्रयास नहीं किया। प्लान के मुताबिक, ढाई बजे तक हत्या कर दोनों बैठे रहे। फिर करीब पौने 6 बजे आरोपित थाने जाने के लिए घर से निकल गया।

वारदात से ठीक एक दिन पहले आरोपित का बेटा खाटू श्याम चला गया था। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं प्लान के तहत बेटे को खाटू श्याम तो नहीं भेजा गया था। डीसीपी दीपक सहारण ने बताया कि मामले से जुड़े हर पहलू पर जांच कर रही है। एसीपी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में जांच चल रही है।