कश्मीर को लेकर भारत पाकिस्तान सदियों से लड़ रहे हैं कई युद्घ और भिड़ंत होने के बाद भी दोनों देशों में बात नहीं है। अभी भी जारी लड़ाई की बीच सऊदी अरब और संयूक्त अरब अमीरात ने कश्मीर को लेकर बहुत ही शानदार फैसला किया है।  जिससे पाकिस्तान भड़क उठा है। बता दें कि इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के 48वें सत्र में सदस्य देशों के समक्ष जम्मू-कश्मीर का मुद्दा जोर-शोर से उठा रहा है।
OIC के सदस्य देश सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने जम्मू-कश्मीर में एक निवेश सम्मेलन में हिस्सा लिया। हॉन्ग कॉन्ग के प्रतिनिधि भी इस सम्मेलन में शामिल हुए। पाकिस्तानी मीडिया में भी इस सम्मेलन की चर्चा हो रही है। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ने लिखा है कि OIC की बैठक के बीच सऊदी अरब और यूएई के प्रतिनिधि कश्मीर में निवेश के लिए पहुंचे हैं।

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ये सम्मेलन आने वाले 3 दिनों तक जारी रहेगा। क्षेत्र में निवेश के अवसरों पर बात करने के लिए इन देशों की विभिन्न कंपनियों के 30 सदस्य इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। निवेश के उद्देश्य से सम्मेलन के दौरान 2 हजार एकड़ की भूमि आवंटित की गई है। जम्मू-कश्मीर के प्रधान सचिव के अनुसार, प्रशासन ने निवेश के लिए उस भूमि को आवंटित नहीं किया है जो स्थानीय लोगों की है, बल्कि सरकारी जमीन को निवेश के लिए आवंटित किया गया है।
कश्मीर में व्यापार पर भारत की पहल

सऊदी अरब और यूएई के नेता OIC में मौजूद हैं और पाकिस्तान कश्मीर का मुद्दा उठा रहा है, इन देशों के व्यापारिक प्रतिनिधियों का जम्मू-कश्मीर में निवेश के लिए आना बताता है कि इन देशों के लिए भारत कितना महत्वपूर्ण है।

भारत ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया था। इसके बाद से ही सरकार ये प्रयास कर रही है कि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दिया जाए। एशिया के कई देशों ने जम्मू-कश्मीर में निवेश को लेकर दिलचस्पी भी दिखाई है।