आसमान की दुनिया में इंट्रेस्ट रखने वालों के लिए खुशखबरी है। अब यह बात तो सभी जानते हैं कि शनि ग्रह के रहस्य हमेशा ही लोगों को अपनी तरफ खींचते रहे हैं। इस बार शनि की सतह पर एक बार फिर कुछ ऐसा होने जा रहा है, जो हर किसी के लिए आकर्षण की वजह बनेगा। एस्ट्रोनॉमी की वेबसाइट अर्थस्काई के मुताबिक शनि ग्रह एक आसमान में अपनी चमक बिखेरने वाला है। सालों में एक बार होने वाली यह घटना इस बार एक और दो अगस्त को होगी। इस दिन शनि धरती के बेहद करीब होगा और इसकी चमक को बिना किसी टेलीस्कोप के नंगी आंखों से भी देखा जा सकेगा। इस स्थिति को वैज्ञानिकों ने अपोजीशन नाम दिया है। जब पृथ्वी, सूर्य और शनि की सीध में हो जाती है तो अपोजीशन कहा जाता है।

बताया जाता है कि शनि की यह स्थिति एक अगस्त से शुरू होगी और दो अगस्त को भारतीय समयानुसार सुबह 11.30 बजे तक पीक पर पहुंच जाएगा। एक अगस्त को सूर्यास्त के बाद शुक्र भी पश्चिम में अस्त हो जाएगा। इसके बाद वृहस्पति आसमान में सबसे चमकीला ग्रह रह जाएगा और शनि की स्थिति वृहस्पति के पश्चिम में होगी। इसी दौरान आसमान में यह खगोलीय घटना होगी। हालांकि इसे देखने में मौसम की भी एक बड़ी भूमिका हो सकती है। वजह, बादल और बारिश के चलते आसमान साफ रहने की उम्मीद बेहद कम है।

अब एक सवाल यह भी पैदा होता है कि क्या आसमान में होने वाले इस अनोखे घटनाक्रम को बिना किसी उपकरण के देखा जा सकेगा? अर्थस्काई वेबसाइट के मुताबिक इस सवाल का जवाब हां है। हालांकि जो लोग इसके वलयों को और बेहतर ढंग से देखना चाहते हैं उन्हें टेलीस्कोप की जरूरत होगी। नासा के मुताबिक शनि अपने वलयों की वजह से ही हमारे प्लैनेट में सबसे अलग पहचान रखता है। वृहस्पति की तरह शनि भी हाइड्रोजन और हीलियम गैस से बना हुआ है।

शनि के चारों तरफ नौ पृथ्वियां रखी जाएंगी तब उसकी परिधि के बराबर होगीं। वह भी तब जब उसके वलयों को हटा दिया जाएगा। अगर कोई इन दो दिनों में शनि को नहीं देख पाता है तो उसके पास पूरे महीने उसे देखने का मौका रहेगा। हालांकि ऐसा तभी होगा जब यह धरती के बेहद करीब से गुजरे। करीब पूरे साल इसी स्थिति में रहने वाला है।