अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी नाइकी यानि Nike ने विवादित Satan Shoes से जुड़ा केस जीत लिया है। इस जूते की खासियत है कि इसको बनाने में इंसानी खून का इस्तेमाल किया गया है। ब्रूकलिन आर्ट कलेक्टिव ने कोर्ट में दावा किया था कि नाइकी के शैतानी जूतों में जो खून है, उसकी एक-एक बूंद इंसानी खून की है जो कि MSCHF के सदस्यों ने डोनेट किया था।

नाइकी ने कहा कि MSCHF और उसके अनाधिकृत जूतों ने गलतफहमी फैलाने काम किया है। उन्होंने नाइकी (Nike) की ब्रांड इमेज को खराब किया है। हालांकि MSCHF का पक्ष रखते हुए वकील ने कहा कि अब और शैतानी जूते बनाने का कोई प्लान नहीं है। MSCHF ने सिर्फ 666 शैतानी जूते बनाए। MSCHF शैतानी जूते को 1,018 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 74,607 रुपये में बेच रही थी।

Nike की तरफ से कहा गया है कि उनकी सबसे बड़ी चिंता ये है कि उनकी कंपनी का नाम इस तरह के शैतानी जूतों से जोड़ा जा रहा है। इससे नाइकी की ब्रांड इमेज खराब हुई है। अमेरिकी कोर्ट में नाइकी ने कहा कि हमारी कंपनी शैतानी जूते को अप्रूव नहीं करेगी।

अमेरिकी कोर्ट ने शैतानी जूते की बिक्री पर रोक लगाते हुए नाइकी के पक्ष में फैसला सुनाया है। वहीं सुनवाई के दौरान MSCHF पहले ही कह चुकी है कि उन्होंने शैतानी जूते नहीं बनाने का फैसला किया है।

वहीं नाइकी (Nike) ने शैतानी जूते के डिजाइन को अपना बताकर इसे ट्रेडमार्क का उल्लंघन बताया था। नाइकी ने शैतानी जूते बेचने पर कोर्ट में रोक की मांग की थी।