सीरियल किलर केडी केपम्मा उर्फ सायनाइड मल्लिका को दूसरी जेल में भेज दिया गया है। मल्ल्किा जेल में बंद एआईएडीएमके प्रमुख वीके शशिकला की बगल वाली कोठरी में रह रही थी। इस हफ्ते की शुरुआत में ही पराप्पना अग्रहरा सेट्रेल जेल से उत्तरी कर्नाटक स्थित बेलगावी के हिंडालगा जेल में मल्लिका को भेज दिया गया है। कहा जा रहा था कि मल्लिका से शशिकला की जान को खतरा है, ऐसे में मल्लिका को दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।

शशिकला और मल्लिका दोनों अगल-बगल की सेल में थीं। सायनाइड मल्लिका देश की पहली महिला सीरियल किलर है। उस पर छह महिलाओं की जान लेने का आरोप है। आरोप है कि वह बेंगलुरु के नजदीक के इलाकों में उन अमीर महिलाओं की पहचान करती थी जो रोजाना मंदिर जाने वाली थीं। वह उनसे दोस्ती करती थी। बाद में सायनाइड जहर का इस्तेमाल करके उनकी हत्या कर देती थी। फिर उनकी जूलरी लेकर फरार हो जाती थी। मल्लिका को 2008 मे गिरफ्तार किया गया था। कई मामलों में वह दोषी साबित हो चुकी है।

अधिकारियों ने कहा कि मल्लिका को सुरक्षा कारणों से दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया है। हालांकि, जेल से जुड़े सूत्रों ने कहा कि मल्लिका का शशिकला के साथ बेहद दोस्ताना बर्ताव था। सूत्र ने बताया, वह शशिकला को खाने के वक्त लाइन में खड़े नहीं होने देती थी। वह उनके लिए खाना लेकर आती थी। माना जा रहा है कि मल्लिका के इस बर्ताव से अधिकारी सशंकित थे। इस वजह से उसे जल्दबाजी में दूसरे जेल में शिफ्ट गया। यहां तक कि ऐसा करने से पहले उसे जानकारी भी नहीं दी गई। उसे हिंडालगा जेल ले जाया गया। यह देश के सबसे पुराने जेलों में से एक है। यहां मौत की सजा पाए कैदियों के अलावा आतंकी मामलों के आरोपियों को रखा गया है।

मल्लिका को ऐसे वक्त में दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया है, जब शशिकला के वकीलों ने उन्हें तमिलनाडु की जेल में शिफ्ट करने की कोर्ट से दरख्वास्त की थी। संयोग की बात है कि शशिकला को उस सेल में रखा गया है, जिसमें मर्डर की दोषी शुभा शंकर नारायणन को रखा गया है। शुभा एक एडवोकेट की बेटी है, जिस पर अपने बॉयफ्रेंड और उसके सहयोगियों के साथ मिलकर अपने इंजिनियर मंगेतर की हत्या का आरोप है। मर्डर का यह प्रोफाइल मामला 2003 का है।