पाकिस्तान में बालाकोट में आतंकवादियों के ठिकाने पर भारतीय वायुसेना के हमले के बाद एक हवाई अभियान में दुर्घटनाग्रस्त विमान के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई को लेकर पाकिस्तान के एक सांसद के दावे के बाद भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए आज कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाले राहुल गांधी की आंखें अब खुल गई होंगी। 

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राहुल गांधी अब समझ गए होंगे कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का क्या खौफ है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान की संसद में विपक्षी दल के सांसद अयाज सादिक ने बोला है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर बाजवा के डर के मारे टांगें कांप रहीं थीं और चेहरे पर पसीना था कि कहीं विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा नहीं किया तो भारत हमला कर देगा। डॉ. पात्रा ने कहा कि पूरे देश ने देखा था कि हमारे बहादुर विगं कमाडर अभिनंदन ने पाकिस्तान को कैसे मचा चखाया था, लेकिन राहुल गांधी ने हिंदुस्तान की सेना की ओर से किए गए सर्जिकल और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाए थे। उन्हें भारत सरकार, सेना और यहां के लोगों पर कोई भरोसा नहीं है। 

उन्होंने कहा कि अब राहुल गांधी को अपने सबसे भरोसेमंद देश पाकिस्तान की सुनने के बाद शायद यकीन हो जाए। पाकिस्तान के विपक्ष दल के सासंद सादिक ने संसद में जो भाषण दिया वह पूरे विश्व को देश की ताकत का संदेश देता है कि भारत का नाम सुनकर पाकिस्तान की क्या हालत होती है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सादिक ने पाकिस्तानी संसद में कहा कि 2019 में विंग कमांडर अभिनंदन को लेकर संसदीय समिति की जो बैठक हुई थी, उसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान डर के मारे आए ही नहीं, जबकि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि अभिनंदन को जल्द रिहा कर दो वर्ना भारत नौ बजे हमला कर देगा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हिंदुस्तान की आम जनता को कभी शक नहीं होता कि देश सर्वश्रेष्ठ है लेकिन राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री और सेना के पराक्रम के बारे में संदेह रखते हैं। 

गौरतलब है कि फरवरी 2019 में पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए अपने युद्धक विमान भेजे थे। पाकिस्तान की साजिश का जवाब देने के लिए भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने मिग-21 में उड़ान भरी थी। इस दौरान अभिनंदन का विमान क्रैश हो गया और वह पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर के क्षेत्र में जा गिरे थे। अभिनंदन को पाकिस्तान की सेना ने पकड़ लिया था। हालांकि पाकिस्तान पर काफी दबाव बनाया गया, जिसके बाद अभिनंदन को अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत वापस लौटाया गया था।