समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान ,उनकी विधायक पत्नी तंजीम फातिमा और विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम को बुधवार को आगामी 2 मार्च तक के लिये जेल भेज दिया गया । मंगलवार को कुर्की और गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद तीनों ने आज जिला एवं सत्र न्यायालय में समर्पण किया था और जमानत की अर्जी दी थी, लेकिन अदालत ने अर्जी खारिज कर दी और तीनों को दो मार्च तक के लिये जेल भेज दिया। तीनों की जमानत अर्जी पर अब दो मार्च को सुनवाई होगी। 

अदालत ने तीनों को छह दिन के लिये जेल भेजा है । इससे पहले आजम खान ने सोमवार 24 फरवरी को अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी जिसे नामंजूर कर दिया था । भारतीय जनता पार्टी के नेता आकाश सक्सेना ने आजम खान के बेटे अब्दुल्ला के फर्जी आयु प्रमाण पत्र को लेकर 3 जनवरी 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। भाजपा नेता ने अदालत में अब्दुल्ला के दो आयु प्रमाणपत्र पेश किये थे जिनमें एक रामपुर और दूसरा लखनऊ में बनाया गया था । अदालत ने जांच में पाया गया कि प्रमाण पत्र फर्जी हैं । इसीलिये उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई थी । अब्दुल्ला आजम जब 2017 में विधानसभा का चुनाव लड़े थे तब उनकी आयु 25 साल से कम थी । 

जौहर विश्वविद्यालय के लिये सरकारी और गैर सरकारी जमीन पर कब्जे ,बिजली चोरी समेत आजम खान पर करीब 80 मुकदमें दर्ज हैं लेकिन वो अभी तक किसी भी मामले में अदालत में पेश नहीं हुये । लगातार पेश नहीं होने पर जिला एंव सत्र न्यायालय ने उनके खिलाफ कल मंगलवार को गैर जमानती वारंट जारी किया था । इसके पहले कुर्की को लेकर मुनादी भी करायी गई थी । अदालत में आज पेश होने पर आजम खान ने 20 मामलों में जमानत की अर्जी दी थी । कई मामलों में जमानत अर्जी मंजूर भी कर ली गई लेकिन फर्जी आयु प्रमाण पत्र मामले में अर्जी नामंजूर होने के कारण उन्हें जेल भेज दिया गया । रामपुर में आजम खान का खासा रसूख है इसलिये किसी भी तरह की हिंसा की आशंका को देखते हुये उन्हें दूसरे जिले की जेल में भी भेजा जा सकता है ।

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