वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद (senior Congress leader Salman Khurshid)  द्वारा विवादित पुस्तक सनराइज ओवर अयोध्या (Sunrise over Ayodhya)  मे हिन्दुत्तव की तुलना बोको हरम एवं आईएसआईएस इस्लामी आतंकी संगठन ( ISIS Islamic terrorist organization)  से करने को लेकर दायर अर्जी पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शांतनु त्यागी ने बख्शी का तालाब थानाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वह आरोपी सलमान खुर्शीद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना करें। 

अदालत के समक्ष रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की मांग वाली यह अर्जी शिकायतकर्ता शुभांशी तिवारी ने दायर की है। जिसमें उसने आरोप लगाया है कि सलमान खुर्शीद एक वरिष्ठ अधिवक्ता होने के साथ-साथ कई मंत्री पदों को भी सुशोभित कर चुके हैं तथा उनके द्वारा लिखी गई सनराइज ओवर अयोध्या नामक पुस्तक को पढ़ने के बाद पुस्तक के कुछ अंश उसे अत्यंत विवास्पद एवं हिंदू धर्म पर कुठाराघात करने वाले लगे।

आरोप है कि पुस्तक के पृष्ठ 113 पर अध्याय 6 द सैफरन स्काई पर एक लाइन लिखी है। जिसमें हिन्दुत्व की तुलना इस्लामिक जिहादी एवं आतंकी संगठन आईएसआईएस व बोकोहरम से की गई है। आरोप लगाया गया है कि इस पुस्तक को पढ़ने से वादिनी की धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचा क्योंकि उसे अपने धर्म पर अत्यधिक आस्था है। कहा गया है कि इस प्रकार बिना किसी आधार एवं सबूत के उसके धर्म पर कुठाराघात करना नैतिक व विधिक रूप से गलत है।यह भी कहा गया है कि बोको हरम एवं आईएसआईएस की तुलना एकदम गलत है क्योंकि कई देशों ने इन पर प्रतिबंध भी लगाया।

अदालत के समक्ष दाखिल अर्जी में यह भी कहा गया है कि सलमान खुर्शीद को धर्म, ग्रंथ एवं पंथो की कोई जानकारी नहीं है इस प्रकार हिंदुत्व पर अनर्गल टिप्पणी करना मात्र दो समुदायों की धार्मिक भावनाओं को भड़काना है तथा वैमनस्यता बढ़ाकर उन पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना है।कहा गया है कि 4 दिसंबर 2021 को थाना अध्यक्ष बीकेटी को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए एक प्रार्थना पत्र दिया था। परन्तु उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई।