देश में कोरोना संक्रमण का बड़ा हॉटस्पॉट बने गुजरात के अहमदाबाद शहर में गत सात मई से दूध और दवा को छोड़ अन्य वस्तुओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर जारी विरोध के बीच प्रशासन ने 15 मई से सर्शत किराने और फल सब्जी और आटा चक्की आदि को खोलने की घोषणा की। इससे पहले केवल बिग बाजार और ऐसे अन्य बड़े स्टोर के जरिये डिजीटल पेमेंट कर होम डिलीवरी देने की घोषणा महानगरपालिका ने की थी जिसको लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर खासा रोष प्रकट किया था।


अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी राजीव गुप्ता जिन्हें अहमदाबाद में कोरोना नियंत्रण के लिए सरकार ने विशेष अधिकारी नियुक्त किया है आज बताया कि बड़े स्टोर डिजीटल भुगतान लेकर सुबह दस बजे से पांच बजे के बीच होम डिलीवरी कर सकेंगे। आज हुई बैठक में यह भी फैसला लिया गया है कि स्वास्थ्य जांच कार्ड देकर किराने, फल सब्जी विक्रेता तथा आटा चक्की को सुबह आठ बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक खुला रखा जा सकेगा। इस दौरान इनको ग्राहकों के लिए सैनिटाइजर उपलब्ध कराना होगा। ये अलग ट्रे में नकदी ले सकते हैं। इन्हें हर सात दिन में अपने स्वास्थ्य की जांच करा कर अपने कार्ड को नवीनीकृत कराना होगा। इन कामों में अथवा बड़े स्टोर की होम डिलीवरी में शहर के कंटेन्मेंट विस्तार के किसी भी व्यक्ति को शामिल नहीं करना होगा। पूरी प्रक्रिया के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।


ज्ञातव्य है कि गुजरात में कल शाम तक लगभग 8600 कोरोना सक्रमण के मामले थे और 500 से अधिक मौतें हुई थी जबकि अकेले अहमदाबाद में लगभग 6100 मामले सामने आये हैं और 400 मौतें हुई हैं। गत सात मई से यहां अचानक दवा और दूध को छोड़ अन्य चीजों की बिक्री रोक देने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर कालाबाजार चोरी छुपे आलू और अन्य ऐसी चीजों को बेहद ऊंची कीमत पर बेच रहे थे। आलू की कीमत 100 से 150 रूपये तक प्रति किलो हो गयी थी। इसको लेकर प्रशासन की खासी आलोचना हो रही थी।