मध्यप्रदेश के जबलपुर व कटनी स्थित सहारा इंडिया के आफिसों में आज राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों ने एक साथ दबिश दी, जहां पर ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने जांच करते हुए दस्तावेज जब्त किए है, ईओडब्ल्यू की कार्यवाही से सहारा इंडिया के कार्यालयों मेें पदस्थ अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों में हड़कम्प मचा रहा.

ईओडब्ल्यू के अधिकारियों की माने तो जबलपुर में सहारा इंडिया की गोरखपुर, रांझी सहित अन्य शाखाओं व कटनी की शाखा में निवेशकों ने अपनी मेहनत कमाई जमा किया, ताकि समयावधि पूरी होने पर उक्त राशि का उपयोग वे शादी करने, मकान बनवाने, पढ़ाई करने सहित अन्य कामों में सदुपयोग कर रहे लेकिन निवेशकों की उम्मीदों पर उस वक्त पानी फिर गया, जब उनका रुपया समयावधि पूरी होने के बाद भी नहीं मिला.

 वे अपना रुपया पाने के लिए आफिसों के चक्कर लगाते रहे, उन्हे न तो मूल राशि मिली न और न ही लाभांश,  इस मामले में कुछ निवेशकों ने जबपलुर के राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों से लिखित शिकायत की, जिसपर जांच करते हुए अधिकारियों ने सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रतो राय सहारा सहित अन्य सात के खिलाफ प्रकरण विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी, इसके बाद आज लोकायुक्त के तीन अधिकारियों की टीम ने जबलपुर के रांझी, गोरखपुर व कटनी में सहारा इंडिया के आफिसों में एक साथ छापा मारा, अधिकारियों को देखते ही आफिस में हड़कम्प व अफरातफरी मच गई, ईओडब्ल्यू की टीम ने आफिस से निवेशकों की जमापंूजी से संबंधित सभी दस्तावेज बरामद कर लिए, वहीं पूछताछ की गई है, ईओडब्ल्यू की कार्यवाही से एक बार फिर हड़कम्प मचा हुआ है.

25 हजार निवेशकों के 250 करोड़ रुपए जमा-

बताया गया है कि सहारा इंडिया क ी जबलपुर व कटनी स्थित शाखाओं में 25 हजार निवेशकों के 250 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा है, अपनी मेहनत की कमाई को पाने के लिए निवेशक अपना रुपया पाने के लिए लम्बे समय से चक्कर लगा रहे है, जिन्हे कभी आफिस बंद मिलता या फिर आफिस के अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया जाता रहा.

जबलपुर के रांझी, गोरखपुर व कटनी में 32 निवेशकों के 38 लाख रुपए जमा-

बताया गया है कि सहारा इंडिया की गोरखपुर में 12 निवेशकों के करीब 19 लाख 68 हजार 993 रुपए, रांझी शाखा में 16 निवेशकों ने 16 लाख 42 हजार 368 रुपए व कटनी में 4 निवेशकों ने 2 लाख 24 हजार 863 रुपए  जमा किए गए थे. उक्त राशि को पाने के लिए निवेशक लम्बे समय से चक्कर लगा रहे लेकिन उनकी जमा पूंजी नहीं मिल सकी, जिसपर निवेशकों ने ईओडब्ल्यू में शिकायत की, जिसकी जांच करते हुए सहारा इंडिया प्रमुख सुब्रतो राय सहित अन्य सात अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच का दायरा आगे बढ़ाया है.