केसर का उपयोग सैकड़ों सालों से कई तरह के मिष्ठानों को बनाने में भी किया जाता रहा है। इसकी खुशबू बहुत अच्छी होती है। भारत में इसका सबसे ज्यादा उत्पादन कश्मीर में होता है और पूरी दुनिया में केसर सबसे ज्यादा ईरान में पैदा किया जाता है। केसर का इस्तेमाल कई तरह की दवाइयों में किया जाता है। हाल के वर्षों में शोध के बाद काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ने इससे एक ऐसी दवा बनाई है, जिससे मिर्गी के मरीजों का इलाज किया जाएगा।


मिर्गी के इलाज के लिए फायदेमंद केसर

दरअसल मिर्गी के दौरों के इलाज के लिए केसर से दवा सीएसआईआर-आईएचबीटी की लेबोरेटरी में तैयार की गई है। इसका सफल प्रयोग चूहों पर किया जा चुका है। शोध के दौरान पता चला कि केसर के पराग में ऐसे तत्व होते हैं, जिनसे मिर्गी के दौरों को कम किया जा सकता है या उन पर काबू पाया जा सकता है। इसके बाद ही दवा बनाने की कोशिश शुरू की गई और इस दवा का सफल ट्रायल हो चुका है।


पूर्वोत्तर के राज्यों में भी होगा इसका उत्पादन

बता दें कि देश में केसर की जितनी खपत है, उतना उत्पादन नहीं हो पाता। दूसरे देशों से केसर का आयात करना पड़ता है, लेकिन हिमालयी बायोसाइट्स प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर ने देश के कई राज्यों में केसर के उत्पादन की योजना बनाई है। आईएचबीटी के निदेशक डॉक्टर संजय कुमार का कहना है कि केसर का उत्पादन तमिलनाडु के बुटीक, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।


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