दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के चुनाव में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) बादल ने भारी जीत की है। दिल्ली गुरुद्वारा चुनाव निदेशक नरेंद्र सिंह ने बताया कि 46 वार्डों में 27 पर शिअद बादल के उम्मीदवार विजयी घोषित किए गए हैं, जबकि 15 पर शिरोमणि अकाली दल दिल्ली और तीन पर जग आसरा गुरु ओट (जागो) पार्टी की जीत हुई है। 

एक वार्ड पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है। शिअद बादल का 27 सीटों पर जीत के साथ लगातार तीसरी बार डीएसजीएमसी की सत्ता संभालना तय माना जा रहा है, क्योंकि बहुमत के लिए 26 वार्डों पर जीत जरूरी है। जानकारी के मुताबकि डीएसजीएमसी का जनरल हाउस 51 सदस्यों का होता है, जिसमें 46 निर्वाचित सदस्य, एक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा नियुक्त, दो दिल्ली की गुरुद्वारा सिंह सभाओं के सदस्य और दो को-ऑप्शन के सदस्य होते हैं। 

गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय के मुताबिक पांच मतगणना केंद्रों आईटीआई जेल रोड, तिलक नगर, आईटीआई विवेक विहार, आर्य भट्ट पॉलीटेकनिक, आईआईटी पूसा और आईटीआई खिचड़ीपुर पर सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई। पांच राउंड में वोटों की गिनती की गई। ओवरऑल प्रदर्शन से हट कर देखें तो सबसे अहम माने जाने वाले पंजाबी वार्ड से निवर्तमान अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा को हार का सामना करना पड़ा। डीएसजीएमसी के पूर्व अध्यक्ष एवं शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के महासचिव हरविंदर सिंह सरना ने 469 मतों से सिरसा को शिकस्त दी। डीएसजीएमसी के निवर्तमान महासचिव हरमीत सिंह कालका ने हालांकि 786 वोटों से जीत दर्ज की। 

सिरसा के अलावा कई बड़े सिख नेताओं को हार नसीब हुई, जिनमें शिरोमणि अकाली दिल्ली के महासचिव गुरमीत सिंह शंटी, डीएसजीएमसी के पूर्व कनिष्ठ उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह बाठ और जागो के महासचिव परमिंदर पाल सिंह और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष चमन सिंह शामिल हैं। गत तीन बार के चुनाव में बतौर निर्दलीय उम्मीद जीत दर्ज करते आ रहे गुरमीत सिंह शंटी त्रिनगर वार्ड से 256 और कुलवंत सिंह बाठ नवीन शाहदरा वार्ड से 108 मतों से हार गए। पश्चिमी दिल्ली के सिख बहुल वार्डों में भी शिरोमणि अकाली दल बादल का दबदबा रहा। ख्याला, श्याम नगर, संत गढ़, तिलक विहार, गुरु नानक नगर और कृष्णा पार्क जैसे सिख आबादी वाले इलाकों से बादल दल के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।