अगले साल पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन का सिलसिला शुरू हो गया है। चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल ने शनिवार को घोषणा की कि उसने राज्य में होने वाले चुनावों के लिए मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन किया है।

अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि बसपा 117 में से 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकी सीटों पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी। बसपा सांसद सतीश मिश्रा ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि गठबंधन पंजाब की सबसे बड़ी पार्टी शिरोमणि अकाली दल के साथ हुआ है। उन्होंने कहा,1996 में बसपा और अकाली दल दोनों ने लोकसभा चुनाव लड़ा था और 13 में से 11 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार गठबंधन नहीं टूटेगा।

उन्होंने आगे कहा, हम कांग्रेस के नेतृत्व में भ्रष्टाचार और घोटालों को खत्म करने के लिए काम करेंगे। वर्तमान सरकार दलित और किसान विरोधी है, जबकि हम सभी के कल्याण और विकास के लिए काम करेंगे। इससे पहले भाजपा पंजाब में अकाली दल के साथ गठबंधन में 23 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। अकाली दल-भाजपा गठबंधन 2007 में सत्ता में आया था और 2017 में कांग्रेस ने राज्य में 77 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल कर सत्ता से बेदखल कर दिया था। बता दें राज्य में 31 फीसदी दलित वोटों पर बसपा की अच्छी पकड़ है। इन मतों का संकेंद्रण मुख्य रूप से दोआबा क्षेत्र की 23 सीटों पर है। वहीं अकाली दल ने केंद्र के विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर पिछले साल भाजपा से नाता तोड़ लिया था।