सचन पायलट को अपने दोस्त बड़े नेता जितिन प्रसाद का साथ मिल गया है। राजस्थान के सियासी संकट के बीच प्रदेश अध्यक्ष और डेप्युटी सीएम पद से हटाए गए सचिन पायलट को यूपी कांग्रेस के युवा चेहरे और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का साथ मिला है। जितिन प्रसाद ने सचिन पायलट को राजस्थान कांग्रेस के पदों और सरकार से बर्खास्त किए जाने के बाद उनका समर्थन किया है। जितिन ने जिस अंदाज में पायलट का साथ दिया है, उससे ये अटकलें लगने लगी हैं कि वो भी पायलट के अंदाज में ही कांग्रेस का दामन छोड़ सकते हैं।
सचिन पायलट को डेप्युटी सीएम पद और पार्टी रैंक्स से हटाए जाने के बाद जितिन प्रसाद ने ट्वीट में लिखा है, 'सचिन पायलट सिर्फ मेरे साथ काम करने वाले शख्स नहीं, बल्कि मेरे दोस्त भी हैं। कोई इस बात को नहीं नकार सकता कि इन दिनों उन्होंने पूरे समर्पण के साथ पार्टी के लिए काम किया है। उम्मीद करता हूं कि ये स्थिति जल्द सुधर जाएगी, दुखी भी हूं कि ऐसी नौबत आई।'
पूर्व में केंद्र सरकार के मंत्री रहे जितिन प्रसाद को यूपी कांग्रेस के कद्दावर चेहरे के रूप में जाना जाता है। जितिन प्रसाद उन युवा नेताओं में से एक हैं, जिन्हें राहुल गांधी का बेहद खास कहा जाता रहा है। यूपी की धौरहरा सीट से प्रतिनिधित्व करने वाले जितिन हाल में कांग्रेस पार्टी के संगठन के लिए यूपी में ब्राह्मण चेहरों के साथ काम करने में जुटे हुए हैं।
यूपीए की सरकार में केंद्र सरकार के मंत्री रहे जितिन प्रसाद को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बेहद करीबी माना जाता है। बीते कुछ वक्त से जितिन कांग्रेस पार्टी में हाशिये पर हैं। हालांकि पार्टी में जितिन ने इसे लेकर कोई खुला विरोध नहीं किया है।
जितिन प्रसाद के कई करीबी नेताओं का ये कहना है कि यूपी प्रदेश संगठन में प्रियंका गांधी का दखल बढ़ने के बाद जितिन नेपथ्य की राजनीति में चले गए हैं। ऐसे में ये माना जा सकता है कि जितिन प्रसाद की ऐसी परोक्ष नाराजगी को बीजेपी और बल देने का प्रयास जरूर कर सकती है, जिससे कि यूपी में इस कद्दावर नेता को अपने पक्ष में किया जा सके।