भारत अब अपने दुश्मन की तरफ से रही मिसाइल को 400 किलोमीटर पहले ही उड़ा देगा। क्योंकि जल्द ही भारतीय वायुसेना में S-400 एयर डिफेंस मिसाइल (s 400 defence missile system) को शामिल किया जा रहा है। इस डिफेंस सिस्टम को रूस ने बनाया है और अपने संवेदनशील क्षेत्रों में इसी मिसाइल को तैनात किया हुआ है।


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रूस निर्मित S-400 मिसाइल सिस्टम दुनिया के सबसे विकसित एयर डिफेंस सिस्टम (Air Defence System) शामिल है। यह डिफेंस सिस्टम 1000 किलोमीटर तक की दूरी से एयरक्राफ्ट, बॉम्बर्स और मिसाइल्स को ट्रैक करने में सक्षम है। ट्रैक करने के साथ ही यह टारगेट पर 400 किलोमीटर की रेंज में मिसाइल छोड़कर उसें उड़ा भी देता है। यह सिस्टम एक बार में 100 टारगेट पहचान सकता है।

आपको बता दें कि जब रूस सोवियत संघ का हिस्सा था तब 1967 में S-200 अंगारा (S200 Angara) नाम की वायु रक्षा प्रणाली विकसित की गई थी जो कि S सीरीज की पहली मिसाइल थी। इस मिसाइल की दक्षता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह सिस्टम आज भी सेवा में है। हालांकि S-400 मौजूदा वक्त की सबसे एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम है। अब रूस S-500 के विकास में कार्य कर रहा है।एस—400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम में मौजूद सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों से 30 किलोमीटर की उंचाई और 400 किलोमीटर तक के लक्ष्य को निशाना बनाया जा सकता है। S-400 से विमान, क्रूज, बैलेस्टिक मिसाइल के साथ जमीनी टारगेट को भी नेस्तनाबूद किया जा सकता है। यह मिसाइल एक बार में 400 किलोमीटर की रेंज में एक साथ 36 टारगेट को उड़ा सकता है।