संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक में यूक्रेन के प्रतिनिधि ने रूस के प्रतिनिधि से कहा, 'रूसी राष्ट्रपति ने जंग का ऐलान किया है। इसे रोकना इस संगठन की जिम्मेदारी है। मैं सभी से युद्ध को रोकने का आह्वान करता हूं।' बता दें कि इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेन्सकी (Ukrainian President Volodymyr Zelensky) ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन सभी प्रारूपों और किसी भी मंच पर रूस के साथ बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि युद्ध से दोनों ही पक्षों को भीषण नुकसान होगा। अपने एक संदेश में जेलेन्सकी ने कहा, 'आज हम किसी भी रक्षा गठबंधन से बाहर हैं। यूक्रेन की सुरक्षा हमारे पड़ोसियों की सुरक्षा से जुड़ी हुई है, इसलिए आज हमें पूरे यूरोप की सुरक्षा के बारे में बात करनी चाहिए। हमारा मुख्य लक्ष्य यूक्रेन में शांति और हमारे नागरिकों की सुरक्षा है। उस तक पहुंचने के लिए, हम आपके (रूस) साथ विभिन्न प्रारूपों और किसी भी मंच पर बात करने के लिए तैयार हैं। एक युद्ध से सभी सुरक्षा गारंटी से वंचित रह जाएंगे।'

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राष्ट्रपति जेलेन्सकी ने कहा कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता: न तो शीत, न ही 'गर्म' और न ही हाइब्रिड। उन्होंने कहा, 'हम ठीक से जानते हैं: हम युद्ध नहीं चाहते हैं: न तो शीत, न ही 'गर्म' और न ही हाइब्रिड। लेकिन अगर हम पर आक्रमण होता है, अगर कोई हमारे देश पर कब्जा जमाने की कोशिश करता है, हमारी आजादी हमसे छीनता है, हमारी और हमारे बच्चों की जिंदगी से खेलता है, तो हम इसे जरूर रोकेंगे।'

यूक्रेन के कई इलाकों में धमाके

रिपोर्ट्स के अनुसार यूक्रेन के काला सागर बंदरगाह ओडेसा पर धमाका हुआ है। गुरुवार सुबह से ही यूक्रेन के अलग-अलग हिस्से से ब्लास्ट की खबरें आ रही हैं। इससे पहले यूक्रेन के पूर्वी हिस्से और कीव से विस्फोट की खबरें आई थी।

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यूक्रेन में आपातकाल

रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच यूक्रेन के सांसदों ने 24 फरवरी से देशव्यापी आपातकाल लगाने के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। संसद की प्रेस सेवा ने इसकी जानकारी दी। यह आपातकाल गुरुवार से शुरू होकर 30 दिन तक लागू रहेगा, हालांकि यह संघर्ष प्रभावित क्षेत्र लुहान्स्क और डोनेट्स्क में प्रभावी नहीं होगा। यूक्रेनी क्षेत्रों में आपातकाल की स्थिति लागू करने के इस कानून को 450 सीटों वाली संसद में 335 सांसदों ने समर्थन दिया। यहां डोनेट्स्क और लुहान्स्क में फिल्हाल संयुक्त सेना अभियान चल रहा है। यहां विशेष कानून व्यवस्था पहले से ही प्रभावी है। इंटरफैक्स-यूक्रेन समाचार एजेंसी के अनुसार, यूक्रेन के 22 क्षेत्रों में आपातकाल लागू करने का मकसद सामूहिक बैठकों, विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाना, संबंधित अधिकारियों को सूचित किए बिना सैनिकों को निवास बदलने से रोकना और ऐसी गलत सूचनाओं के प्रसार पर रोक लगाना है जिनसे देश में अस्थिरता पैदा होने की संभावना है। 

इस दौरान लोगों और वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा और अगर जरूरत पड़ी तो कफ्र्यू भी लगाया जा सकता है। इस दौरान लोगों को उन जगहों से निकालना जारी रहेगा, जहां उनके खतरे की आशंका है। यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद ने यूक्रेन की सीमाओं के पास रूसी सैनिकों की भारी तैनाती को देखते हुए संसद को देश भर में आपातकाल की स्थिति लागू का प्रस्ताव दिया था।