रूस लगातार यूक्रेन पर हमले कर रहा है और जबरदस्त बमबारी कर रहा है। इसी बीच रूस ने बड़ा दावा किया है अगर उसके अस्तित्व का खतरा खड़ा होगा तो वो सिर्फ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा। यह बात क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने कही है। इसी के साथ ही रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमले तेज कर दिए है और वो उसें खंडर बनाने वाला है। खबर है रूस ने हाल ही में इस शहर पर एकसाथ 30 खतरनाक बम गिराए हैं।

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रूस-यूक्रेन जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन अहम दौरे पर हैं। इसमें वह सबसे पहले बेलजियम जाएंगे। यहां वह NATO सदस्य देशों, G7 नेताओं और यूरोपियन यूनियन के नेताओं से मिलेंगे। बाइडेन ने बताया कि यहां यूक्रेन को समर्थन देने पर बात होगी। यूक्रेन पर बमबारी कर रहे रूसी पायलटों को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को मारना जुर्म है और तुम्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।

अब अमेरिका रूस पर और भी ज्यादा प्रतिबंध लगाने की फिराक में है। उसके एक शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोगी ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ब्रसेल्स में नाटो और यूरोपीय देशों के साथ बैठक के दौरान रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। वहीं कुछ देश अब रूस पर प्रतिबंध न लगाने की बात करने लगे हैं। जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने यूक्रेन पर हमले को लेकर रूसी ऊर्जा आपूर्ति के बहिष्कार का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंध पहले से ही उसकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। यह हर दिन और भी ज्यादा खराब होगी। फ्रांसीसी कंपनी Total Energies फैसला लिया है कि वह रूसी तेल और तेल उत्पादों की खरीद के लिए न तो कोई अनुबंध खत्म करेगी और न ही किसी डील कोई और बढ़ाएगी।

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इसी जंग के बीच चीन की तरफ से बयान आया है। चीन के विदेश मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा है कि चीन जंग से जुड़े विभिन्न लोगों (देशों) से चीन की बातचीत जारी है, इसमें स्थिति को सुधारने की कोशिश की जा रही है।