रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में अब परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, लड़ाई अब लगभग निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है, लेकिन खतरा टला नहीं है। अमेरिका समेत पश्चिमी देश यूक्रेन की मदद कर रहे हैं और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही चेता चुके हैं कि अगर कोई भी बाहरी बीच में आया तो वो अंजाम होगा जो पहले कभी नहीं देखा होगा। एक्सपर्ट पुतिन की इस चेतावनी को परमाणु युद्ध की धमकी से ही जोड़कर देख रहे है।

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आपको बता दें कि जापान परमाणु हमला झेल चुका है और उन हमलों में जो लोग बच गए थे, वो आज भी उस दिन को याद कर सहम उठते हैं। परमाणु युद्ध कुछ और नहीं बल्कि तबाही लेकर आएगा।

स्विट्जरलैंड की एक संस्था है इंटरनेशनल कैंपेन टू अबॉलिश न्यूक्लियर वेपन (ICAN). इस संस्था को 2017 में नोबेल पीस प्राइज भी मिल चुका है। ICAN के मुताबिक, एक परमाणु बम झटके में लाखों लोगों की जान ले लेगा। वहीं, अगर 10 या सैकड़ों बम गिर गए तो न सिर्फ लाखों-करोड़ों मौतें होंगी, बल्कि धरती का पूरा क्लाइमेट सिस्टम ही बिगड़ जाएगा।

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ICAN के मुताबिक, एक परमाणु बम पूरा शहर तबाह कर देगा। अगर आज के समय में कई सारे परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता है तो इसमें करोड़ों लोग मारे जाएंगे। वहीं, अगर अमेरिका और रूस के बीच बड़ा परमाणु युद्ध छिड़ गया तो मरने वालों की संख्या 10 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगी।

मुंबई, जहां हर एक किलोमीटर दायरे में 1 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं, अगर वहां हिरोशिमा जैसा परमाणु बम गिर जाता है तो एक हफ्ते में 8.70 लाख से ज्यादा मौतें हो जाएंगी। अगर अमेरिका और रूस के बीच परमाणु युद्ध में 500 परमाणु बम का इस्तेमाल हो जाता है तो आधे घंटे के अंदर 10 करोड़ से ज्यादा की मौत हो जाएगी।

इतना ही नहीं, किसी युद्ध में अगर दुनिया में मौजूद 1% से भी कम परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता है तो इससे 2 अरब लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे. साथ ही पूरा हेल्थ सिस्टम भी तबाह हो जाएगा, जिससे घायलों को इलाज भी नहीं मिल सकेगा।