रूस और यूक्रेन के बीच भीषण युद्ध शुरू हो चुका है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा सैन्य कार्रवाई का आदेश देने के बाद रूसी सेना यूक्रेन में कई ठिकानों पर जमकर बमबारी कर रही है। इसके तहत यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों पर हमले किए गए हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने यूक्रेन के डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। वहीं, यूक्रेन ने भी कहा है कि पलटवार करते हुए उसने भी रूस के पांच विमानों और हेलीकॉप्टरों को मार गिराया है।

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रूसी राष्ट्रपति पुतिन किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं हैं। इसके परिणामस्वरूप गुरुवार तड़के उन्होंने रूसी सेना को हमले का आदेश दे दिया। इसके जवाब में यूक्रेन ने भी कई कदम उठाए हैं, जिसमें मार्शल लॉ को लागू भी शामिल है। मार्शल लॉ को किसी भी देश में तब लागू किया जाता है, जब वहां के हालात आमतौर की परिस्थितियों से अलग होते हैं। इस व्यवस्था के तहत उस देश की सेना पूरी व्यवस्था को अपने हाथों में ले लेती है। वर्ल्ड वॉर सेकंड के बाद जर्मनी और जापान में मार्शल लॉ को लागू किया गया था। ऐसे में अब जब यूक्रेन और रूस के बीच तनाव युद्ध की शक्ल ले चुका है तो मार्शल लॉ को लागू किया गया है। मार्शल लॉ के लागू होने के बाद आंदोलनों, राजनीतिक दलों आदि पर प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं।

किसी भी देश में मार्शल लॉ का इस्तेमाल सरकारों द्वारा जनता पर अपना शासन लागू करने के लिए किया जाता है। कई अन्य देशों में भी मार्शल लॉ को इतिहास में लागू किया जा चुका है। कई बार तख्तापलट होने की स्थिति में भी इसे लागू किया जाता है। साल 2006 और 2014 में थाईलैंड और 2013 में मिस्र में लागू किया जा चुका है। वहीं, साल 1981 में पोलैंड में मार्शल लॉ को लागू किया गया। यह उस समय उठ रहे राजनीतिक विरोध को दबाने के लिए किया गया था। वहीं, साल 1970 में कनाडा में भी लागू किया जा चुका है। हालांकि, यह कानून आमतौर पर कुछ समय के लिए ही लागू किया जाता है और जैसे ही उस देश के हालात वापस से स्थिर होने लगते हैं, मार्शल लॉ को हटा दिया जाता है। वहीं, कई बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के मामलों में भी किसी देश में मार्शल लॉ घोषित किया जा सकता है।

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने गुरुवार सुबह मार्शल लॉ पेश किया, जिसमें नागरिकों से रूस के सैन्य अभियानों के बीच शांत रहने का आग्रह किया गया। उन्होंने जनता से वीडियो के जरिए भावुक अपील भी की। उन्होंने बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से बात की है और वॉशिंगटन ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। वहीं, यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार आत्मरक्षा के अपने अधिकार के तहत काम करना शुरू कर दिया है। यूक्रेन अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत कार्रवाई करने का आह्वान करता है। केवल एकजुट और निर्णायक कदम ही यूक्रेन के खिलाफ व्लादिमीर पुतिन की आक्रामकता को रोक सकते हैं।