रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Russian Foreign Minister Sergei Lavrov) ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन के सैनिकों के हथियार डालते ही रूस यूक्रेन के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हो जाएगा। लावरोव ने कहा, हम बातचीत के लिए तैयार हैं। यूक्रेन की सेना रूस (Russia Ukraine war) का विरोध करना बंद कर दें और हथियार डाल दें। इसके बाद किसी भी समय हमारे राष्ट्रपति (व्लादिमीर पुतिन) (Vladimir Putin) को आह्वान करें। कोई उन पर हमला नहीं कर रहा है। कोई उन पर दबाव नहीं बना रहा है। वे लोग अपने परिवार के सदस्यों के पास लौट जाएं।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन (Ukraine ) अभी जल्द इस प्रस्ताव को नहीं मानने वाला है, लेकिन स्थिति को देखते हुए अंत में यही समाधान हो सकता है। रूस की पहले से ही ये रणनीति थी कि यूक्रेन को घुटनों पर लाया जाए और फिर सरेंडर (surrender) करने के लिए मजबूर किया जाए। रूस के इस ऑफर पर यूक्रेन के राष्ट्रपति ने भी प्रतिक्रिया दी है। उनकी तरफ से भी बातचीत का प्रस्ताव पुतिन को दे दिया गया है। उन्होंने पुतिन को बातचीत की टेबल पर बुलाया है। पुतिन ने भी अपना प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए भेजने की बात कर दी है।

आपको बता दें कि यूक्रेन पर रूसी (Russia Ukraine war) हमले के दूसरे दिन शुक्रवार को रूसी सेना राजधानी कीव (Ukraine capital Kiev) के उत्तरी इलाकों में में घुस गयी। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव के उत्तरी हिस्से में मौजूद हैं और इस बयान के साथ जारी वीडियो में बख्तरबंद गाडियों को आगे बढ़ते देखा जा सकता है।  इस बीच कीव के पश्चिमोत्तर स्थित बुखा के रिहायशी इलाकों में रूस की मिसाइलों (missile attack on ukraine) के हमले से जुड़ी तस्वीरें भी सामने आयी हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इस मामले पर जारी बयान में कहा गया कि यूक्रेन में रूसी हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हुई है और 102 लोग जख्मी भी हुए हैं। इस बीच एक रिपोर्ट के अनुसार कीव में रूसी सेना को आगे बढ़ने से रोकने के लिए किलेबंदी भी की गयी है।