रूस-यूक्रेन सीमा तनाव अब अपने चरम पर है। रूस ने यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई (russia ukraine war) शुरु कर दी है। अब यूक्रेन और रूस की तरफ से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। रूस का कहना है कि वह सिर्फ यूक्रेन के सैन्य ठिकानों (Ukrainian military bases) को निशाना बना रहा है। वहीं यूक्रेन का दावा है कि आम लोग भी मारे गए हैं।

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इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति ऑफिस (Ukrainian presidential office) से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया कि रूस के हमले में अब तक 40 यूक्रेनी सैनिकों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा दस नागरिकों के भी मारे जाने की खबर है। वहीं दूसरी तरफ ब्रिटेन के राष्ट्रपति बोरिस जॉनसन (boris johnson) ने इस मामले में चिंता जताते हुए कहा है रूसी हमले को लेकर G-7 बात करूंगा। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने यूक्रेन के डिफेंस सिस्टम (Ukraine Defense System) को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। वहीं, यूक्रेन ने भी कहा है कि पलटवार करते हुए उसने भी रूस के पांच विमानों और हेलीकॉप्टरों को मार गिराया है।

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रूसी राष्ट्रपति पुतिन (Russian President Putin) किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं हैं। इसके परिणामस्वरूप गुरुवार तड़के उन्होंने रूसी सेना को हमले का आदेश दे दिया। इसके जवाब में यूक्रेन ने भी कई कदम उठाए हैं, जिसमें मार्शल लॉ को लागू भी शामिल है। मार्शल लॉ को किसी भी देश में तब लागू किया जाता है, जब वहां के हालात आमतौर की परिस्थितियों से अलग होते हैं। इस व्यवस्था के तहत उस देश की सेना पूरी व्यवस्था को अपने हाथों में ले लेती है। वर्ल्ड वॉर सेकंड के बाद जर्मनी और जापान में मार्शल लॉ को लागू किया गया था। ऐसे में अब जब यूक्रेन और रूस के बीच तनाव युद्ध की शक्ल ले चुका है तो मार्शल लॉ को लागू किया गया है। मार्शल लॉ के लागू होने के बाद आंदोलनों, राजनीतिक दलों आदि पर प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं।