यूक्रेन और रूस से बीच जंग (Russia Ukraine crisis) का खतरा बढ़ता जा रहा है। अमरीका को भी डर सता रहा है कि रूस अपनी पूरी ताकत के साथ यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला कर सकता है। इस बीच रूस ने बेलारूस में न्यूक्लियर ड्रिल (Nuclear Drill) कर अपनी ताकत दिखा दी है। वहीं काला सागर (Black Sea) में भी रूसी नौसेना (Russian Navy) ने एक्सरसाइज की। कुछ दिन पहले रूस ने यूक्रेन की सीमा से सैनिकों की वापसी का ऐलान किया था, लेकिन वहां रूसी सैनिकों की संख्या कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही है। रूस ने यूक्रेन की सीमा पर लड़ाकू विमान, सैन्य वाहन और उपकरण भी तैनात कर दिए हैं।

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इस बीच अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) को बताया कि उसकी जानकारी स्पष्ट रूप से इंगित करती है कि यूक्रेन की सीमाओं के पास जमा 1,50,000 से अधिक रूसी सैनिक ‘आने वाले दिनों में’ यूक्रेन पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं। रूस ने क्रीमिया, बेलारूस और दक्षिण पश्चिम रूस में एक लाख से ज्‍यादा सैनिकों को तैनात कर रखा है। इसके अलावा रूस उत्‍तरी अटलांटिक समुद्र, बाल्टिक सागर (Baltic Sea) और भूमध्‍य सागर में 'असामान्‍य' रूप से नौसैनिक अभ्‍यास चला रहा है। ब्रिटेन ने कहा कि पुतिन नाटो और रूस के बीच यूक्रेन को एक बफर जोन के रूप में देखते हैं। साथ ही यूक्रेन को पुतिन ऐतिहासिक और सांस्‍कृतिक रूप से रूस का हिस्‍सा मानते हैं।

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वहीं रूस ने यूक्रेन (Russia Ukraine War) से सटी सीमा के आसपास रह रहे लोगों को निकालना शुरू कर दिया है। यूक्रेन सीमा से सटे डोनेत्स्क से लोगों को निकालकर रूस भेजा जा रहा है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अब तक 7 लाख लोगों को पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। डोनेत्स्क में कथित तौर पर रूस समर्थित अलगाववादियों का कब्जा है। यहां के अधिकारियों को कहना है कि पिछले कई दिनों से यूक्रेनी सेना हमले कर रही है, जिसमें कथित तौर पर दो नागरिकों की मौत हो गई। हालांकि, यूक्रेन की सेना का कहना है कि उन्हें कोई भी जवाबी कार्रवाई न करने के आदेश हैं।