भारत की सीमाएं अब अभेद्य हो रही हैं। क्योंकि भारत को रूस से एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (S-400 Air Defence Missile System) मिलना शुरू हो गया है। एस-400 की पहली यूनिट को भारत पाकिस्तान सीमा पर तैनात किया  जा रहा है।

एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को समुद्री और हवाई मार्ग से भारत भेजा जा रहा है। जमीन से हवा में मार करने वाली इस प्रणाली के मिलने से भारत की मारक क्षमता और मजबूत हो जाएगी। भारत ने रूस से 5.43 अरब डालर (करीब 40 हजार करोड़ रुपये) में पांच एस-400 रेजीमेंट खरीदने के लिए अक्टूबर 2019 में समझौता किया था।

S-400 सुपसोनिक एयर डिफेंस सिस्टम में सुपरसोनिक एवं हाइपर सोनिक मिसाइलें होती हैं जो लक्ष्य को भेदने में माहिर हैं। S-400  की गिनती दुनिया के आधुनिकतम एंटी एयरक्राफ्ट हथियारों में होती है। यह सुपरसोनिक एयर डिफेंस सिस्टम 400 किलोमीटर के क्षेत्र में आने वाले दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, ड्रोनों या छुपे हुए विमानों पर हमला कर उन्हें गिरा सकता है। इसकी मदद से आसानी से पकड़ में न आने वाले लड़ाकू विमान भी गिराए जा सकते हैं।

S-400 के लॉंचर से दुश्मन के विमान या मिसाइल पर तीन सेंकड में दो मिसाइलें छोड़ी जा सकती हैं। इससे छूटी मिसाइलें 5 किलोमीटर प्रति सेंकड की रफ्तार से छूटती हैं और 35 किलोमीटर की ऊंचाई तक वार कर सकती हैं। इसके आने से भारत की उत्तरी, उत्तर पूर्वी और उत्तर पश्चिमी सीमा को जबरदस्त सुरक्षा मिलेगी।