अब भारत की ओर आने वाली दुश्मन की कोई भी मिसाइल हवा में ही नष्ट हो जाएगी। क्योंकि इसी साल देश को आसमानी कवच मिल रहा है। रूस से बड़ी खबर ये आई है कि वो इस साल के अंत तक भारत को एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की पहली खेप दे देगा। इस मिसाइल सिस्टम को बनाने वाली रूसी डिफेंस कंपनी अलमाज-आंते के प्रमुख ने यह बात कही। इस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के आने के बाद देश की सुरक्षा अभेद्य हो जाएगी। पाकिस्तान और चीन युद्ध करने या हवाई हमला करने से पहले कई बार सोचेंगे। क्योंकि ये दुनिया का सबसे बेहतरीन महाबली हथियार है।

अलमाज-आंते (Almaz-Antey) के डिप्टी सीईओ व्याचेसलाव जिरकान ने कहा कि मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि हमारी कंपनी एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (S-400 Air Defence Missile System) की पहली खेप तय समय पर इस साल के अंत तक भारत को दे देगी। जिरकान एक इंटरनेशनल मिलिट्री-टेक्निकल फोरम 'ARMY-2021' में बोल रहे थे।

जिरकान ने बताया कि भारतीय मिलिट्री के अधिकारियों की ट्रेनिंग चल रही है, जो एस-400 मिसाइल सिस्टम को ऑपरेट करेंगे। इस मिसाइल को चलाने के लिए भारतीय सैन्य अधिकारियों की पहली खेप ट्रेनिंग पूरी कर चुकी है। दूसरे समूह की ट्रेनिंग अभी चल रही है। मैं इस बारे में नहीं बता सकता कि कितने भारतीय सैन्य अधिकारियों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है। लेकिन इस मिसाइल सिस्टम के प्रशिक्षण के दौरान भारतीय अधिकारियों ने उच्च स्तर का प्रदर्शन किया है।

जिरकान ने कहा कि मुझे दूसरे भारतीय समूह से भी यही उम्मीद है। वो बेहद काबिल और ऊर्जावान हैं। ट्रेनिंग के दौरान भारतीय सैन्य अधिकारियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे लगता है कि भारत की सेना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक है। इस प्रशिक्षण के बाद और कितने प्रशिक्षण होंगे ये बता पाना अभी मुश्किल है। लेकिन भारत को जरुरत होगी तो हम और लोगों को ट्रेनिंग देंगे।

एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम हथियार नहीं महाबली है। इसके सामने बड़े से बड़ा दुश्मन कांपने लगता है। इसके सामने किसी की भी साजिश नहीं चलती। यह आसमान से घात लगाकर आते हमलावर को पलभर में राख में बदल देता है। इसके सामने दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला खतरनाक फाइटर जेट F-35 भी दुम दबाकर भाग जाता है।

इसके तैनात होने के बाद देश के दुश्मन आसमान से हमला करने से पहले सोचेंगे। वो घबराएंगे क्योंकि इस महाबली के सामने दुनिया का कोई भी बाहुबली हथियार काम नहीं करता। एस-400 मिसाइल सिस्टम को दुनिया की सबसे सक्षम मिसाइल प्रणाली माना जाता है। पाकिस्तान और चीन भारत के लिए हमेशा से चुनौती रहे हैं। भारत का इन देशों से युद्ध भी हो चुका है। शक्ति का संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसी मिसाइल प्रणाली की देश को जरूरत थी।
भारत को एस-400 सिस्टम मिलने से भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा होगा। बता दें कि भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ ऐसे पांच सिस्टम खरीदने का करार  किया था जिसकी लागत 5 अरब डॉलर यानी 33,000 करोड़ रुपये है। चीन हो या पाकिस्तान S-400 मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम के बल पर भारत न्यूक्लियर मिसाइलों को अपनी जमीन तक पहुंचने से पहले ही हवा में ही ध्वस्त कर देगा।

S-400 से भारत चीन-पाकिस्तान की सीमा के अंदर भी उस पर नजर रख सकेगा। जंग के दौरान भारत S-400 सिस्टम से दुश्मन के लड़ाकू विमानों को उड़ने से पहले निशाना बना लेगा। चाहे चीन के जे-20 फाइटर प्लेन हो या फिर पाकिस्तान के अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमान। यह मिसाइल सिस्टम इन सभी विमानों को नष्ट करने की ताकत रखता है। रूस ने साल 2020-2024 तक भारत को एक-एक कर ये मिसाइल सिस्टम देने की बात कही थी।

1967 में रूस ने एस-200 प्रणाली विकसित की। ये एस सीरीज की पहली मिसाइल थी। साल 1978 में एस-300 को विकसित किया गया। एस-400 साल 1990 में ही विकसित कर ली गई थी। साल 1999 में इसकी टेस्टिंग शुरू हुई। इसके बाद 28 अप्रैल 2007 को रूस ने पहली एस-400 मिसाइल सिस्टम को तैनात किया गया, जिसके बाद मार्च 2014 में रूस ने यह एडवांस सिस्टम चीन को दिया। 12 जुलाई 2019 को तुर्की को इस सिस्टम की पहली डिलीवरी कर दी।