पाकिस्तान में सरकार के खिलाफ एकजुट हुए विपक्ष से जूझ रहे प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत की विदेश नीति की तारीफ में कसीदे पढ़े हैं। उन्होंने कहा कि चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (क्वाड) का हिस्सा होने के बावजूद भारत ने ऐसी विदेश नीति अपनायी जो देश और आमजन के हित में है। 

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संसद में अविश्वास प्रस्ताव दर्ज होने से पहले जनसभा को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि देश की विदेश नीति लोगों के बेहतरी के लिए होनी चाहिए, लेकिन पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) जैसे दल सत्ता में थे तो ऐसा कुछ नहीं था। उन्होंने कहा कि मेरे देश की विदेश नीति मेरे देश की जनता के बेहतरी के लिए होनी चाहिए। इस मामले में मैं अपने पड़ोसी देश भारत की एक स्वतंत्र विदेश नीति का अनुसरण करने के लिए तारीफ करता हूं। आज भारत क्वाड का सदस्य है और अमेरिका के साथ गठजोड़ है लेकिन वह स्वयं को तटस्त कहता है। प्रतिबंधों के बावजूद भारत रूस से तेल आयात कर रहा है क्योंकि भारत की विदेश नीति लोगों के बेहतरी के लिए है। 

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उन्होंने कहा कि दोनों इस दौरान दोनों विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि इन पार्टियों ने कभी भी देशहित का अनुसरण नहीं किया और विदेशी में पैसा जमा किया और केवल धन की पूजा की। उन्होंने लोगों को अगाह करते हुए कहा कि इन दलों के शासन में पाकिस्तान कभी मुक्त नहीं रहेगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान की संसद में शुक्रवार को विपक्षी दल इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रहे हैं और ऐसे कदम से देश की राजनीतिक उठापटक होने का खतरा है। इस महीने में पहले विपक्षी पार्टियों ने इमरान खान के खिलाफ यह कहते हुए प्रस्ताव पेश किया था कि पीटीआई के एक दर्जन से अधिक प्रमुख नेताओं के अलग होने से उन्होंने संसद में विश्वास खो दिया है। 

पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली के निचले सदन में संयुक्त विपक्ष के पास 163 सीट हैं लेकिन बहुमत तब हो सकता है जब अधिकांश असंतुष्ट नेता फिर से पार्टी में शामिल हों जाएं। गठबंधन साथियों और निचले सदन में 155 सीट वाली पीटीआई के असंतुष्टों के बिना, सत्ता में बने रहने के लिए जरूरी 172 सीटे जुटाना मुश्किल है। संयुक्त विपक्ष के पास 163 सीटें हैं लेकिन इनका बहुमत तभी तो सकता है जब अविश्वास प्रस्ताव के समय पीटीआई के असंतुष्ट वोट भी इन्हें हासिल हो जाएं। विपक्ष ने इमरान खान पर अर्थव्यवस्था और विदेश नीति के कुप्रबंधन का आरोप लगाया। रविवार को रैली के दौरान इमरान ने असंतुष्टों से सत्ताधारी पार्टी में वापस लौटने की अपील की थी। खैबर पख्तूनख्वां प्रांत के मलाखंड शहर में उन्होंने कहा‘वापस लौटें मैं आपको इस गलती के लिए ठीक वैसे ही माफ कर दूंगा जैसे एक पिता अपने बच्चों की गलतियों को माफ कर देता है। इमरान ने इस दौरान विपक्ष पर असंतुष्टों और दूसरे साथियों को प्रलोभन देकर सरकार गिराने को प्रयास करने का आरोप लगाया।