रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। इसी बीच रूस ने एक लाइटनिंग हाइपरसोनिक न्यूक्लियर मिसाइल की फुटेज जारी की है। खबर मिसाइल की तस्वीरों को शेयर कर, रूस पश्चिमी देशों को यह दिखाना चाहता है कि कैसे एक झटके में हमला किया जा सकता है।

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खबर है कि White Sea में एडमिरल गोर्शकोव जंगी जहाज से मैक 9 'जिरकोन' -या 'त्सिरकोन' मिसाइल को छोड़ा गया था। जंग के बीच, इन तस्वीरों को जारी करने का मकसद यह है कि अगर कोई देश यूक्रेन पर किए गए आक्रमण में हस्तक्षेप करता है, तो इन परमाणु मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने इन मिसाइलों को परीक्षणों को सफल करार दिया था और इसे इसी साल सेना में शामिल किया गया है। रूसी विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम में इन मिसाइलों का कोई तोड़ नहीं है। रूसी रक्षा मंत्रालय के स्वामित्व वाले चैनल 'टीवी ज्वेज्दा का कहना है कि लांच के बाद रूसी जिरकोन हाइपरसोनिक मिसाइल की सीक्रेट फीचर का खुलासा हो गया है। रूसी विशेषज्ञों का दावा है कि जिरकोन हाइपरसोनिक मिसाइल की स्पीड इतनी ज्यादा है कि किसी भी देश की वायु रक्षा प्रणाली को समय पर इसका पता नहीं लगा सकती है।


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दरअसल, इसके लांच का होने पता टारगेट हिट होने के बाद ही चल पाता है। यह मिसाइल 'वैरिएबल ट्रेजेक्ट्री' से लैस है, जिससे इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। जंगी जहाज के कमांडर इगोर क्रोखमल का कहना है कि कोई भी मिसाइल के लांच और उसकी उड़ान को नहीं देख पाएगा। मिसाइल का अंदाजा तब होगा, जब वह टारगेट को निशाना बनाएंगी। मुझे नहीं लगता कि अगले कुछ वर्षों में इसका मुकाबला करने के लिए कोई मिसाइल तैयार होगी। 

हालांकि, क्रोखमल ने कहा है कि यह 930 मील की दूरी तक लक्ष्य पर हमला कर सकती है। इसके साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि यह मिसाइल 7 हजार मील प्रति घंटे की रफ्तार से लक्ष्य पर निशाना साध सकती है।