भारत और रूस के चक्कर में रूस और अमेरिका की लड़ाई हो सकती है क्योंकि हाल ही में अममेरिका ने टोही विमान भेजा था जिसको रूस ने वापस खदेड़ दिया है। अमेरिकी वायुसेना का यह विमान रूसी शहर व्लादिवोस्तोक के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाला था। तभी उसके दो फाइटर जेट्स ने उड़ान भरकर अमेरिकी विमान को दूर भगा दिया। इससे पहले जून के आखिरी में अलास्का में अमेरिका ने रूसी विमानों को खदेड़ा था।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 11 जुलाई को रूसी हवाई क्षेत्र की निगरानी करने वाले रडार ने जापान सागर के पूर्वी तट पर अमेरिकी वायुसेना के टोही विमान आरसी 135 का पता लगाया। जिसके बाद रूस के एसयू-35 और मिग-31 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। दोनों लड़ाकू विमानों से अमेरिकी जहाज को अपनी सीमा से बाहर खदेड़ दिया और वापस बेस पर लौट आए।
24 जून को अमेरिका ने अलास्का के ऊपर उड़ान भर रहे रूस के दो सर्विलांस एयरक्राफ्ट को खदेड़ दिया था। अमेरिका ने आरोप लगाया था कि रूस के आईएल -38 समुद्री गश्ती विमान ने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था। रडार से मिली सूचना के बाद एफ -22 फाइटर जेट्स को रवाना किया गया, जो रूसी विमानों को सीमा से बाहर खदेड़ने के बाद वापस बेस लौट गए।
जून में ही रूस के चार जेट बॉम्बर अमेरिका में अलास्का के पास इंटरसेप्ट किए गए थे जिन्हें अमेरिकी फाइटर जेट्स ने लौटा दिया था। रूस ने तब कहा था कि परमाणु-हथियार वहन करने की क्षमता वाले Tupolev Tu-95MS की 11 घंटे की फ्लाइट में अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया गया और अमेरिका के F-22 Raptor फाइटर उसके साथ ही उड़ते रहे।

कुछ दिन पहले ही अमेरिका Open Skies Treaty से बाहर हो गई थी जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि रूस नियनों का उल्लंघन कर रहा है। इस ट्रीटी तो 30 से ज्यादा देशों के एक-दूसरे के क्षेत्र में बिना हथियारों के फ्लाइट्स उड़ाने को लेकर विश्वास पैदा करने और विवाद खत्म करने के इरादे से बनाया गया था। तभी यह माना जा रहा था कि दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है। इन फ्लाइट्स की मदद से तस्वीरें इकट्ठा की जाती थीं जो आपस में शेयर होती थीं।