युक्रेन रूस के युद्ध को आज 13 पूरे हो चुके है लेकिन युद्ध विराम की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है। तीसरे दौर की वार्ता भी ना-कामयाब रही है। इसी बीच रूस को बड़ा झटका देते हुए मैकडॉनल्ड्स, स्टारबक्स, कोका-कोला और पेप्सिको ने भी अपना कारोबार कर लिया है, जिससे रूस को खाद्य व्यवस्था और आर्थिक मामलों में भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
इसी बीच राष्ट्रपति पुतिन ने रूसी लोगों को जोरदार झटका दिया है। Central Bank of Russia ने कहा कि रूस ने नागरिकों द्वारा विदेशी मुद्रा खातों से फॉरेन करेंसी निकालने पर सीमा निर्धारित करने का फैसला किया है। रूस के सैंट्रल बैंक ने मंगलवार को घोषणा की कि विदेशी मुद्रा खातों वाले नागरिकों को 9 सितंबर तक 10 हजार डॉलर से ज्यादा निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी यानी लोग सेंट्रल बैंक से 6 महीनों तक केवल 10 हजार डॉलर तक ही निकाल सकेंगे।


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CBR ने एक बयान में कहा कि ग्राहक के बैंक अकाउंट में चाहे कोई भी विदेशी मुद्रा हो, लेकिन निकासी केवल यूएस डॉलर में ही की जाएगी। CBR ने बयान में कहा कि ''9 मार्च से 9 सितंबर 2022 यानी 6 महीनों तक, रूस के बैंक ने विदेशी मुद्रा जमा करने या नागरिकों द्वारा अंकाउंट से कैश निकालने को लेकर एक प्रक्रिया स्थापित की है। विदेशी मुद्रा खातों या जमाराशियों पर सभी ग्राहकों के धन को डिपोजिट करेंसी में सहेजा जाता है। ग्राहक 10,000 अमेरिकी डॉलर तक कैश निकाल सकते है. जबकि शेष धनराशि निकासी के दिन बाजार दर पर Rubles में निकाली जा सकेगी ''।
कई देशों द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने से नाराज रूस

CBR ने कहा कि ‘रूसी बैंकों में लगभग 90 प्रतिशत विदेशी मुद्रा खाते 10,000 अमरीकी डालर की राशि से ज्यादा नहीं होते हैं। विदेशी मुद्रा जमा या खातों के 90 प्रतिशत धारक अपने धन को पूरी तरह से कैश में प्राप्त करने में सक्षम होंगे। बयान में आगे कहा गया है कि नए नियम लागू होने के दौरान बैंक नागरिकों को विदेशी कैश नहीं बेचेंगे। CBR ने कहा कि रूस में डॉलर की आमद पर पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के कारण यह विशेष उपाय लाए गए हैं।


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जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों ने भी रूस के खिलाफ वित्तीय प्रतिबंध और यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं। रूस संपत्ति को फ्रीज करने और देश के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक और सैन्य अधिकारियों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध को लेकर नई पेनल्टी लाने पर विचार कर रहा है। बता दें कि यूक्रेन (Ukraine) पर आक्रमण के बाद से कई देश रूस से खार खाए हुए हैं और तरह-तरह के प्रतिबंधों की घोषणा कर रहे हैं। रूस से नाराज अमेरिका और ब्रिटेन ने मास्को से गैस, तेल और ऊर्जा के सभी आयातों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।