यूक्रेन बॉर्डर पर जारी तनाव के बीच रूस ने अपने पीएके डीए स्ट्रैटजिक बॉम्बर की डिजाइन को अंतिम मंजूरी दे दी है। इस स्टील्थ बॉम्बर के पहले प्रोटोटाइप को बनाने का काम जारी है, जिसके पहले बैच को इस साल के अंत तक तैयार कर लिया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि यह बॉम्बर इतना घातक होगा कि अमेरिका की कोई भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम इसे पकड़ नहीं पाएगा। इस बॉम्बर से परमाणु मिसाइलों सहित कई तरह के बमों को दागा जा सकेगा।

रूसी सरकारी मीडिया ने रक्षा उद्योग के एक सूत्र के हवाले से दावा किया है कि रक्षा मंत्रालय ने पीएके डीए के डिजाइन को हरी झंडी दे दी है। सूत्र ने यह भी बताया कि इस समय पीएके डीए के कई प्रोटोटाइप्स को बनाने का काम भी जारी है। इस बमवर्षक विमान के डेवलपर टुपोलेव के इंजीनियर स्टील्थ फीचर और लंबी दूरी की मिसाइलों को इंट्रीग्रेट करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

पिछले साल ही एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इस बमवर्षक के प्रोटोटाइप को बनाने का काम जारी है और उसके 2021 तक पूरा होने की संभावना है, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस प्रोजक्ट को विलंब का सामना करना पड़ा है। इस विमान में हथियारों को अंदर रखने के लिए एक इंटरनल वेपर बे भी होगा, जिसके कारण उड़ान के समय इस विमान का रडार सिग्नेचर बहुत कम आएगा।

इसकी स्टील्थ क्षमता को बढ़ाने के लिए रूसी इंजीनियरों ने दुश्मनों के रडार का अध्ययन किया है। जिसके बाद इस विमान को खास तरह से डिजाइन किया गया है। हालांकि, यह बमवर्षक देखने में अमेरिकी बी-2 की तरह दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह बमवर्षक कई तरह की क्रूज और हाइपरसोनिक मिसाइलों को फायर कर सकता है। जिसमें परमाणु मिसाइलें भी शामिल होंगी।

स्ट्राइक मिशन के दौरान यह विमान यूएवी की फौज को भी नियंत्रित कर सकता है। आज के जमाने में स्वार्म ड्रोन टेक्नोलॉजी काफी तेजी से विकसित हो रही है। जिसमें दुश्मन के क्षेत्र में घुसे बगैर ड्रोन हमला किया जा सकेगा। इनमें से कई ड्रोन खुफिया जानकारी जुटाने और कई हमला करने के लिए उपयोग में लाए जा सकते हैं। रूस का यह बमवर्षक ऐसे सैकड़ों ड्रोन को उड़ान के दौरान कमांड दे सकता है।