भारत-चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का दो दिवसीय रूस दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सिंह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। बीते दिन राजनाथ सिंह ने रूस के रक्षा मंत्री सर्गी से मुलाकात की। 

वहीं बैठक में पाकिस्तान को लेकर रूस ने बड़ा फैसला किया। एक घंटे चली इस बैठक के बाद भारत की मांग पर रूस ने वादा किया कि वो पाकिस्तान के साथ नो आर्म्स सप्लाई की पॉलिसी जारी रखेगा। ऐसे में साफ है कि रूस पाकिस्तान को कोई भी बड़ा हथियार सप्लाई नहीं करेगा। बैठक में रूस ने भारत के मेक इन इंडिया प्रोग्राम का समर्थन किया और अपनी ओर से योगदान की बात कही।

बता दें कि भारत और रूस के सैनिक जल्‍द ही अंडमान सागर के पास व्‍यापक युद्धाभ्‍यास करने जा रहे हैं। राजनाथ सिंह की यात्रा के दौरान भारत और रूस ने अत्याधुनिक एके-203 रायफल भारत में बनाने के लिये एक बड़े समझौते को अंतिम रूप दे दिया। रूसी मीडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी। एके-203 रायफल, एके-47 रायफल का नवीनतम और सर्वाधिक उन्नत संस्‍करण है। यह ‘इंडियन स्मॉल ऑर्म्स सिस्टम’ (इनसास) 5.56 गुणा 45 मिमी रायफल की जगह लेगा।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक भारतीय थल सेना को लगभग 7,70,000 एके-203 रायफलों की जरूरत है, जिनमें से एक लाख का आयात किया जाएगा और शेष का निर्माण भारत में किया जाएगा। हालांकि, इस समझौते को अंतिम रूप दिये जाने की भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रूसी समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक इन रायफलों को भारत में संयुक्त उद्यम भारत-रूस रायफल प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) के तहत बनाया जाएगा। खबर के मुताबिक प्रति रायफल करीब 1,100 डॉलर की लागत आने की उम्मीद है, जिसमें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण लागत और विनिर्माण इकाई की स्थापना भी शामिल है।