भारत का दशकों पुराना खास दोस्त रूस भारतीय मीडिया के काफी नाराज हो गया है। भारत में रूस के दूतावास ने यूक्रेन के मुद्दे पर भारत की मीडिया को संबोधित करते हुए एक लंबा-चौड़ा बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि भारतीय मीडिया ने अपनी रिपोर्टों में यूक्रेन से स्थिति को तोड़-मरोड़ कर गलत तरीके से पेश किया है। बयान में किसी खास मीडिया संस्थान के नाम का जिक्र नहीं किया गया है जिससे ये स्पष्ट नहीं हो पाया कि किन रिपोर्ट को लेकर रूस ने नाराजगी जाहिर की है।

पश्चिमी देशों का कहना है कि रूस यूक्रेन में युद्ध की तैयारी कर रहा है। यूक्रेन पहले सोवियत संघ का ही हिस्सा था। यूक्रेन और रूस दोनों ने ही सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। हालांकि, रूस ने इन सभी बातों को खारिज किया है।

रूसी दूतावास ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बयान शेयर करते हुए लिखा है, 'बड़े ही दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कुछ भारतीय मीडिया संस्थानों ने एक बार फिर यूक्रेन के संकट पर स्थिति को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। रिपोर्ट में यूक्रेन के अधिकारियों के अपमानजनक बयानों को भी प्रसारित किया गया है।'

इस रिपोर्ट के जरिए यूक्रेन मामले पर रूस के दृष्टिकोण को गलत दिखाने का प्रयास किया गया है। हम समझते है कि उन पक्षपाती रिपोर्टों का भारत सरकार के आधिकारिक रुख से कोई लेना-देना नहीं है और ये रिपोर्ट्स प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की राय से भी मेल नहीं खाते हैं। इसके साथ ही हम इस विषय को स्पष्ट करना जरूरी मानते हैं।

रूसी दूतावास ने इस संदंर्भ में जारी किए गए अपने बयान में कहा है कि रूस किसी को डराता-धमकाता नहीं है। इस बयान में कहा गया, 'यह स्पष्ट रूप से समझा जाना चाहिए कि रूस किसी को धमकी नहीं देता है। हम अधिकतम संयम दिखा रहे हैं और निश्चित रूप से, यूक्रेन के लोगों के साथ लड़ने का हमारा कोई इरादा नहीं है। हम इस समस्या का सैन्य समाधान भी नहीं चाहते. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव बार-बार इन बातों पर जोर दे रहे हैं।'