दशहरे के अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय में शस्त्र पूजा की गई। इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में चीन को लेकर भारत की ओर से उठाए गए कदमों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पीठ थपथपाई। 

उन्होंने चीन के खिलाफ उठाए गए भारत के कदमों को सराहा। भागवत ने कहा कि कोरोना महामारी में चीन की भूमिका संदिग्ध है। वहीं चीन ने भारत के खिलाफ सीमा पर जो किया उसका उसे मुंहतोड़ जवाब मिला है। उन्होंने कहा कि भारत का शासन, प्रशासन, सेना तथा जनता सभी ने इस आक्रमण के सामने खड़े होकर अपने स्वाभिमान, दृढ़ निश्चय व वीरता का उज्ज्वल परिचय दिया। इससे चीन को अनपेक्षित धक्का लगा है। इस परिस्थिति में हमें सजग होकर दृढ़ रहना पड़ेगा।

भागवत ने चीन पर निशाना साधा कि हम शांत हैं इसका मतलब यह नहीं कि हम दुर्बल हैं। अब चीन को भी इस बात को एहसास तो हो ही गया होगा, लेकिन ऐसा नहीं है कि हम इसके बाद लापरवाह हो जाएंगे। ऐसे खतरों पर नजर बनाए रखनी होगी। आरएसएस चीफ ने कहा कि चीन के विस्तारवादी स्वभाव को सब जानते हैं। इस बार उसने एक साथ ताइवान, वियतनाम, अमरीका, जापाना और भारत के साथ-साथ झगड़ा मोल लिया। लेकिन इस बार अंतर है। इस बार भारत ने उसकी जो प्रतिक्रिया दी, उसके कारण वह सहम गया।