चीन और पाकिस्तान के साथ तनातनी के बीच भारत ने सेना को चाक चौबंद करने की तैयारी कर ली है। सेना ने इसके तहत मेक इन इंडिया को मजबूती देने के लिए 14,000 करोड़ रुपए से दो आकाश-एस मिसाइल सिस्टम और 25 अत्याधुनिक ध्रुव हेलिकॉप्टर खरीदने की तैयारी कर ली है। जानकारी के मुताबिक इसे लेकर रक्षा मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रस्ताव को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति से जल्द ही इसकी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि आकाश एस मिसाइल आकाश मिसाइल प्रणाली का एक नया संस्करण है। यह दुश्मन के विमानों और क्रूज मिसाइलों को 25-30 किलोमीटर की दूरी तक सटीक तौर पर मार गिराने में सक्षम है। ये मिसाइलें लद्दाख में अत्यधिक ठंड के मौसम में भी प्रहार करने में सक्षम हैं। यह मिसाइल चीन और पाकिस्तान की सीमाओं के साथ पहाड़ी और अन्य क्षेत्रों में भारतीय सेना की सभी जरूरतों को पूरा करेगी। 

बता दें, रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित आकाश मिसाइल पहले से ही सेना में शामिल की जा चुकी है। आगामी दिनों में इसके और आधुनिक संस्करण को सेना में शामिल करने की तैयारी है। डीआरडीओ ने हाल ही में आकाश के नए संस्करण का परीक्षण किया है। नया संस्करण उंचाई वाले इलाकों में दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम होगा और पूरी उत्तरी सीमा पर इसका उपयोग किया जा सकेगा। 

सेना 25 एएलएच ध्रुव मार्क 3 हेलिकॉप्टर खरीदने पर भी विचार कर रही है। भारतीय सेना स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमताओं को बहुत पंसद करती है। वह महत्वपूर्ण हथियारों की स्वदेशी खरीदी को बढ़ावा देती है। इसलिए उसने आर्टिलरी गन को आयात की प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है। सेना हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स द्वारा तैयार ध्रुव हेलिकॉप्टरों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करती है। वह इनमें आवश्यक सुधारों के लिए भी कंपनी को सुझाव देती है।