दार्जिलिंग हिल्स में संदिग्ध गोरखा कार्यकर्ताओं के सरकारी संस्थानों पर हमले और आगजनी की घटनाओं के जारी रखने से यहां आर्थिक और सामाजिक गतिविधियां लगभग रुक सी गयी हैं। कम से कम आधा दर्जन कार्य स्थलों में आग लगा दी गयी और कालीझोरा जल विद्युत परियोजना में बिजली उत्पादन 33वें दिन भी बंद रहा। यहां फिर से काम शुरू करने को लेकर संबंधित पक्षों से बातचीत के भी कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। 

यहां मिली सूचनाओं के अनुसार संदिग्ध गोरखा कार्यकर्ताओं ने सरकारी मिरिक की प्रेम चंद लाइब्रेरी को आग लगा दी। उन्होंने दार्जिलिंग में धुधिया में पर्यटक लॉज को जला दिया। कुछ और कार्यालयों में भी आगजनी करने की सूचनायें हैं। सुखिया जांच चौकी, फूल बाजार में एक कार्यालय और कुर्सियांग एवं मिरिक में एक पर्यटक लॉज जलाये जाने की खबर है। जीजेम सहायक सचिव विनय तमांग ने हालांकि गोरखालैंड समर्थकों के इन घटनाओं में शामिल होने से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि गोरखा कार्यकर्ता शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं। वे दार्जिलिंग, दुआर्स और तरायी को मिलाकर पृथक राज्य की मांग कर रहे हैं।