केन्द्र सरकार के तीन विवादित कृषि कानूनों के विरोध का सोमवार को एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में किसान संगठनों के 'भारत बंद ' के आह्वान पर पंजाब में किसानों ने 300 से अधिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, लिंक रोड और रेलवे ट्रैक गंभीर रूप से अवरुद्ध होने से सड़क और रेल यातायात ठप हो गया है। 

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने हड़ताल की अवधि के दौरान सरकारी और निजी कार्यालयों, शैक्षणिक और अन्य संस्थानों, दुकानों, उद्योगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आह्वान किया है। अस्पताल, मेडिकल स्टोर, राहत और बचाव कार्य और व्यक्तिगत आपात स्थिति में शामिल लोगों सहित सभी आपातकालीन प्रतिष्ठानों और आवश्यक सेवाओं हालांकि छूट दी गई है। इस दौरान एंबुलेंस, सेना और पत्रकारों के वाहनों को आने जाने की छूट रहेगी। 

मोर्चा ने किसानों के लिए व्यापारियों, कर्मचारियों समेत सभी वर्गों से समर्थन का आह्वान किया है। हड़ताल को विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने जहां बंद को समर्थन दिया है। प्रदर्शनकारियों ने बरनाला में सुबह छह बजे से शहर की ओर जाने वाली सड़कों के अलावा रेल ट्रैक को जाम कर दिया, जबकि बाजार बंद रहे। 

भारती किसान यूनियन, डकौंडा के प्रेस सचिव बलवंत सिंह उप्ली ने कहा 'हमने जिले में 10 सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है। जालंधर, अमृतसर, होशियारपुर, गुरदासपुर और वेरका बस अड्डा चौक में जिन जगहों पर किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं वहां सुबह पांच बजे से सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है। जालंधर के पीएपी चौक और जालंधर फगवाड़ा राष्ट्रीय मार्ग पर किसानों ने धरना लगा कर सड़क यातायात को रोक दिया है। जालंधर के दकोहा में किसानों ने रेलगाड़यिों को रोक कर रेल यातयात भी रोक दिया है। पंजाब के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने राज्य के पुलिस बलों को विरोध स्थलों पर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। सभी धरना स्थलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।