राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा में सुधार एवं बेरोजगारी के मुद्दे पर उनकी पार्टी इस वर्ष 24 जनवरी को बिहार में मानव कतार बनाकर नीतीश सरकार के विरुद्ध आन्दोलन चलायेगी। कुशवाहा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार में गिरती शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी के खिलाफ पार्टी ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की जंयती पर 24 जनवरी को राजव्यापी मानव कतार बनाने का निर्णय लिया है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कारण ही राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) पारित हुआ है। रालोसपा अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोहरी नीति अपनाकर लोगों को मूर्ख बना रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुमार बिहार में एनआरसी लागू नहीं होने दावा कर रहे हैं तो केरल की तरह बिहार विधानसभा का भी विशेष सत्र बुलाकर एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पारित करें। 

इससे पूर्व कुशवाहा समस्तीपुर शहर के सरकारी बस स्टैंड परिसर में संविधान बचाओ संघर्ष समिति द्वारा आयोजित अनिश्चितकालीन सत्याग्रह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) एवं एनआरसी के विरुद्ध पूरे देश मे आन्दोलन खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश मे आपसी सछ्वाव के साथ खिलवाड़ कर अपनी वोट की राजनीति करने मे लगी है।

 रालोसपा अध्यक्ष ने केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सीएबी पहले बनाया गया और भाजपा देश में घूम-घूम कर इस कानून के बारे मे लोगों को समझाने में लगी है। सत्याग्रह कार्यक्रम को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधान पार्षद मो. तनवीर अहमद, राजद के प्रदेश सचिव फैजूर रहमान फैज, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मो.अबू तमीम, पूर्व विधायक प्रो. शील कुमार राय, पत्रकार प्रो. सैयद आजम हुसैन, रालोसपा नेता बेलाल राजा, स्वीटी प्रिया, भाकपा नेता सत्यनारायण सिंह, महावीर पोद्दार समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित करते हुए आन्दोलन को तेज करने का आह्वान किया।

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