बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खिलाफ विधानसभा चुनाव में मजबूत विकल्प देने के लिए बनाए गए महागठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरे और सीटों के बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) की नाराजगी इस कदर बढ़ गई है कि उसने राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी की आपात बैठक बुलाई है, जिसमें महागठबंधन से नाता तोड़ने का ऐलान हो सकता है। 

रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को पार्टी की राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी की संयुक्त आपात बैठक बुलाई है। बैठक पटना के राजीव नगर स्थित कम्युनिटी हॉल में पूर्वाहन 11 बजे होगी । पार्टी के प्रधान महासचिव माधवानंद ने बुधवार को यहां कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस की नीयत ठीक नहीं है। चुनाव की तिथि की घोषणा किसी समय हो सकती है लेकिन अभी तक महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि रालोसपा महागठबंधन से अलग होती है तो इसकी जिम्मेवारी कांग्रेस और राजद की होगी। 

सूत्रों ने बताया कि उपेंद्र कुशवाहा रालोसपा के कार्यकारी उपाध्यक्ष कामरान को राजद में शामिल कराए जाने से नाराज हैं। उनका कहना है कि राजद ने अपने सहयोगी दल को तोड़क गठबंधन धर्म की मर्यादा का उल्लंघन किया है। रालोसपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए 35 सीटों की मांग की थी और इसके लिए कुशवाहा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव से दो बार और राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से भी उनके कार्यालय में मुलाकात की थी। बताया जाता है कि राजद रालोसपा को 10-12 सीट से अधिक देने को तैयार नहीं है। इस बीच रालोसपा प्रवक्ता धीरज कुशवाहा ने कहा कि तेजस्वी यादव राजद के मुख्यमंत्री के चेहरा हैं महागठबंधन के नहीं। महागठबंधन में अभी मुख्यमंत्री का चेहरा तय नहीं हुआ है। महागठबंधन में इस पद के लिए सबसे योग्य चेहरा उपेंद्र कुशवाहा हैं। उनका नाम बिहार के बड़े नेताओं में लिया जाता है। उन्हें राजनीति का लंबा अनुभव भी है और उन्होंने बिहार के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री के पद का भी त्याग किया है। 

महागठबंधन के एक अन्य घटक विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को भी कुशवाहा को महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने का समर्थन किया है। वीआईपी के प्रवक्ता राजीव मिश्रा ने कहा कि महागठबंधन से मुख्यमंत्री पद के चेहरे के लिए कुशवाहा सबसे योग्य हैं। उनके पास लंबा राजनीतिक अनुभव है। उन्होंने वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी को महागठबंधन से उपमुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की भी मांग की। उधर राजद मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव के अलावा महागठबंधन में किसी और नेता का नाम स्वीकार करने को तैयार नहीं है। राजद के विधायक भाई बिरेंद्र ने कहा कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन से मुख्यमंत्री का चेहरा हैं। इस पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपनी सहमति दे दी है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यदि फिर से कुशवाहा की अंतरात्मा जाग रही है तो फिर क्या किया जाए। वह अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि राजद हमेशा सबको साथ लेकर चलना चाहता है लेकिन कोई दूसरे रास्ते पर जाना चाहता है तो उसे कौन रोक सकता है।