केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बिहार मूल के रहने वाले और राष्ट्रीय जनता दल पार्टी के सांसद अमरेंद्र धारी सिंह की 13 करोड़ 34 लाख करोड़ कीमत की संपत्ति को अटैच किया है।  

दरअसल ईडी ने राजद के राज्यसभा सदस्य अमरेंद्र धारी सिंह उर्फ एडी सिंह के खिलाफ तफ्तीश के दौरान पाया कि कथित तौर पर उर्वरक घोटाला और करीब 685 करोड़ रुपये की रिश्वत मामले में काफी सबूतों को ध्यान में रखते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।  

इस मामले इफको कंपनी के कई अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था।  उसके बाद जांच एजेंसी ईडी ने कार्रवाई को अंजाम देते हुए जून महीने में अमरेंद्र धारी सिंह को गिरफ्तार किया था।  हालांकि फिलहाल ये कोर्ट से इन्हें मेडिकल ग्राउंड पर जमानत मिली हुई है। 

ईडी मुख्यालय के वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक फर्टिलाइजर घोटाला मामले में यूएस अवस्थी और अमरेंद्र धारी सिंह के बेहद करीबी और कारोबारी संबंध रहा है।  मामलों में दुबई की कंपनी मेसर्स ज्योति ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन के साथ आरोपी अवस्थी का क्या कनेक्शन रहा है, इसको लेकर गिरफ्तार हुए आरोपी अमरेंद्र धारी सिंह से विस्तार से पूछताछ की गई थी। 

केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने IFFCO के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप के मामले में एक FIR दर्ज करके 12 लोकेशन पर सीबीआई की टीम छापेमारी की थी। इस दर्ज FIR में दुबई की कंपनी और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था।

 उसी FIR में सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को भी नामजद किया था, लेकिन उन्हें सांसद के तौर पर नहीं बल्कि दुबई स्थित एक फर्टिलाइजर कंपनी में सीनियर वाईस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत होने का आरोप लगा था। 

उस कंपनी का नाम है – मेसर्स ज्योति ट्रेडिंग कॉर्पोरेश। . इस मामले में सीबीआई की टीम FIR दर्ज करने के बाद दिल्ली, हरियाणा के गुड़गांव, सहित मुम्बई के कुल 12 लोकेशन पर छापेमारी की थी।  दरअसल IFFCO और इंडियन पोटाश लिमिटेड कंपनी के खिलाफ मिले शिकायत के बाद सीबीआई की टीम ने ये कार्रवाई को अंजाम दिया था, जो सब्सिडी के नाम पर भारत सरकार को करोड़ो रुपये का चूना लगा दिया था। 

ईडी के सूत्रों के मुताबिक रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण मसलों पर अमरेंद्र धारी से पूछताछ हुई।  इसमें प्रमुख तौर पर उसके और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर तमाम बैंक अकाउंट की जानकारी, विदेश में बैंक अकाउंट सहित अगर कोई संपत्ति है तो उसकी जानकारी, यू .एस. अवस्थी के बारे में जानकारी जो IFFCO के पूर्व MD और CEO रहे हैं। 

इसके साथ ही यू. एस अवस्थी के दोनों बेटे अमोल अवस्थी, अनुपम अवस्थी (प्रमोटर मेसर्स कैटेलिस्ट बिज़नेस एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड ) से संबंधित तमाम इनपुट और पैसों के लेनदेन के बारे में जानकारी मांगी गई।  इसके साथ ही इस घोटाले में एक अन्य आरोपी परविंदर सिंह गहलोत जो पूर्व MD, इंडियन पोटाश लिमिटेड रहें हैं, उससे संबंधित भी पूछताछ की गई। 

ईडी ने अमरेंद्र धारी सिंह की 13 करोड़ 34 लाख कीमत की फिक्स्ड डिपॉजिट को कुर्क किया है।  अगर मामले की बात करें तो यह इस मामले की तफ्तीश के दौरान काफी सबूत अमरेंद्र धारी सिंह के खिलाफ मिले, ईडी की टीम ने तफ्तीश के दौरान यह भी पाया कि सांसद अमरेंद्र धारी सिंह ने अपराध से जुड़े काफी राशि नगद के रूप में प्राप्त किया था।  इसी वजह से फिलहाल 13 करोड़ 34 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट की रकम को अटैच किया गया है, और आने वाले वक्त में इस मामले में और भी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।