कुछ शरणार्थियों के अनशन के बावजूद रियांग जनजातियों का त्रिपुरा से मिजोरम वापसी 16 अगस्त से शुरू हो जाएगी। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

कुछ शरणार्थियों ने कंचनपुर के राहत शिविरों में पांचवें दिन सोमवार को भी अनशन जारी रखा, वे केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा घोषित वित्तीय सहायता के अग्रिम भुगतान की मांग कर रहे हैं। कंचनपुर त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से 180 किलोमीटर उत्तर में है।

आंदोलन कर रहे शरणार्थी अपने मिजोरम वापसी के बाद दो हेक्टेयर जमीन की मांग भी कर रहे हैं।

उत्तरी त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट रावल हमेंद्र कुमार ने जिला मुख्यालय धर्मनगर से आईएएनएस से फोन पर कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्रालय के सलाहकार महेश कुमार सिंगला ने शरणार्थी नेताओं व दूसरे अधिकारियों से वापसी की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए बैठकें की हैं।'

उन्होंने कहा कि वापसी के दौरान त्रिपुरा सरकार शरणार्थियों को परिवहन सहित सुरक्षा और सैन्य सहायता प्रदान करेगी।

त्रिपुरा के गृह विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय गृह सचिव के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) रीना मित्रा ने बुधवार को त्रिपुरा व मिजोरम सरकार के अधिकारियों से मुलाकात करेंगी। मिजोरम ब्रू डिस्प्लेस्ड पीपुल्स फोरम (एमबीडीपीएफ) के नेता भी इसमें भाग लेंगे। एमबीडीपीएफ, शरणार्थियों की शीर्ष संस्था है।

अधिकारी ने कहा, 'इस बैठक में वापसी कार्रवाई योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।'