दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में एक 25 वर्षीय शख्स की हत्या व्यावसायिक रंजिश के कारण हुई थी और इसके लिए किसी भी सांप्रदायिक पहलू को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। बुधवार देर रात जन्मदिन की एक पार्टी में बहस के बाद रिंकू शर्मा की कथित रूप से उसके और उसके एक जानकार व्यक्ति और इस शख्स के तीन दोस्तों द्वारा चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।

पुलिस द्वारा स्पष्टीकरण तब आया है जब कुछ संगठनों ने हत्या को सांप्रदायिक रंग देना शुरू कर दिया और ट्विटर पर ‘हैशटैग जस्टिस फॉर रिंकू शर्मा’ ट्रेंड करने लगा। मामले में शामिल होने के चार आरोपियों -- दानिश, इस्लाम, जाहिद और मेहताब को गिरफ्तार किया गया है। बाहरी दिल्ली के डीसीपी ए. कोन ने कहा, अब तक, जांच के दौरान, यह सामने आया है कि झगड़ा जन्मदिन की पार्टी के दौरान एक रेस्तरां को बंद करने को लेकर शुरू हुआ था। सभी व्यक्ति एक-दूसरे को जानते थे और एक ही इलाके में रहते थे। इस घटना के पीछे कोई और मकसद होने की बात गलत है।

इस बीच यह बात सामने आई है कि हत्या के प्रमुख आरोपियों में से एक इस्लाम की पत्नी को जरूरत के वक्त रिंकू ने अपना खून दिया था। एक दैनिक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार हत्यारोपी इस्लाम की पत्नी डेढ़ साल पहले गर्भवती थी। खुद रिंकू के पड़ोसी ने इस बात की पुष्टि की है। डिलीवरी के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके इलाज के लिए हॉस्पिटल में खून की जरूरत पड़ी थी। ऐसे वक्त में रिंकू ने अपना खून दिया था। केवल इतना ही नहीं, रिंकू ने इस्लाम के भाई को कोरोना संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती भी कराया था।