त्रिपुरा के शिविरों में  दो दशक से भी अधिक समय से रह रहे कम से कम 30 ब्रू शरणार्थी  परिवार बुधवार को मिजोरम लौटे । एक अधिकारी ने बताया कि ब्रू  शरणार्थी परिवारों की यह वापसी गुह मंत्रालय की निगरानी वाले पुनर्वास पैकेज के तहत हुई है । 

ब्रू शरणार्थियों, मिजोरम तथा त्रिपुरा सरकार और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने जिस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं उसके मुताबिक ब्रू परिवारों  को चार लाख रूपए की एकमुश्त आर्थिक मदद, घर, 5000 रूपए मासिक की आर्थिक मदद तथा दो साल तक निशुल्क राशन दिया जाएगा। 

गुह मंत्रालय के एक वरिष्ट अधिकारी ने कहा कि त्रिपुरा से करीब 30 ब्रू (रियांग) परिवार केंद्र के पैकेज के तहत बीस वर्ष के बाद मिजोरम लौट रहे हैं । करीब 5,407 ब्रू परिवार नस्ली तनाव की वजह से मिजोरम से विस्थापित हुए और 1992 से त्रिपुरा के विभिन्न कैंपों में रह रहे है ।

 यह प्रक्रिया बुधवार को शुरू हुई । लेकिन शरणार्थियों का एक जुलाई में हुए इस समझौते से अलग हो गया । उनका आरोप हैपुनर्वास के  लिए दिया जाने वाला मुआवजा पर्याप्त नहीं है। इससे पहले 1997 में करीब 8000 ब्रू शरणार्थी छह जत्थों  में मिजोरम गए थे। वह तब से वहीं शांतिपूर्वक रह रहे हैं ।

 ब्रू समुदाय के सदस्यों की कुल संख्या 32,876 है । कुल 5,407 परिवार हैं जो त्रिपुरा में अस्थाई शिविरों में रह रहे हैं । यह कवायद 2020-21 तक चलेगी । इसमें कुल खर्च 435 करोड़ रूपए आएगा जो गृह मंत्रालय वहन करेगा । त्रिपुरा सरकार उन्हें आधार कार्ड जारी करेगी , उनके बैंक खाते खोले जाएंगे और राशन कार्ड में नवीनतम जानकारी जोडी जाएगी ।