हैदराबाद के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के.एस.एन. मूर्ति का कोविड संक्रमण के कारण निधन हो गया। उन्हें गब्बर सिंह  के नाम से जाना जाता था। वह 78 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी ने रविवार को हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह वर्ष 2000 में सेवानिवृत्त होने के बाद से इसी इलाके में रह रहे थे। मूर्ति ने आंध्र प्रदेश के पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर कार्य किया।

आंध्र के रहने वाले इस अधिकारी की हैदराबाद में पहली पोस्टिंग 1980 के दशक के अंत में पुराने शहर इलाके में हुई थी। चारमीनार जोन के सहायक पुलिस आयुक्त के रूप में वह असामाजिक तत्वों और आदतन अपराधियों से सख्ती से निपटे। वह पुलिस हलकों में सख्त अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। उनके कड़े तेवर के कारण अपराधियों में खौफ को देखते हुए उनकी तुलना ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ में अमजद खान द्वारा निभाए गए चरित्र गब्बर सिंह से की जाने लगी।

लोगों को याद है कि उपद्रवी तत्व उनके नाम से डरते थे। वह अपने अधिकार क्षेत्र में अपराध दर को कम करने में सफल रहे। लोकप्रिय अभिनेता पवन कल्याण अभिनीत तेलुगू फिल्म ‘गब्बर सिंह’ के बारे में कहा जाता है कि यह पुलिस अफसर मूर्ति से प्रेरित थी। मूर्ति सिटी टास्क फोर्स में भी रहे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न पदों पर कार्य किया। वह 1998-99 में विजयवाड़ा के पुलिस आयुक्त थे। उनकी सेवानिवृत्ति से पहले उन्हें पुलिस महानिरीक्षक के रूप में पदोन्नत किया गया था।